शादनगर (तेलंगाना) : रंगारेड्डी जिले के शादनगर में स्कूटी पंक्चर होने पर उसे जोड़कर देने के भरोसा देकर एक महिला डॉक्टर की हत्या कर बाद में लाश को जला देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रंगारेड्डी जिले के शमशाबाद से लापता हुई महिला डॉक्टर की लाश शादनगर के निकट चटानपल्ली के पास बरामद हुई।

नागरकर्नूल जिले के कोडेरु मंडल के नरसाईपल्ली निवासी श्रीधर रेड्डी -विजयम्मा दंपति की बेटी प्रियंका रेड्डी महबूबनगर जिले के नवाबपेट मंडल के कोल्लुरू स्थित सरकारी वेटर्नरी अस्पताल में डॉक्टर थी, जबकि दूसरी बेटी भव्य शमशाबाद एयरपोर्ट में नौकरी करती है।

श्रीधर रेड्डी का परिवार पिछले चार वर्षों से शमशाबाद में रह रहा है। इसी क्रम में बुधवार को कोल्लुरु में ड्यूटी खत्म होने के बाद प्रियंका शाम 5 बजे घर लौटी। चेहरे पर दाग बढ़ने से इलाज के लिए शाम 6 बजे घर से निकली प्रियंका अपनी स्कूटी से तोंडुपल्ली स्थित टोलप्लाजा पहुंची। वहां अपनी स्कूटी पार्क कर वह एक अन्य वाहन से गच्चीबावली स्थित एक क्लिनिक गई। वापस रात्रि 9 बजे टोलप्लाजा पहुंचने के बाद प्रियंका जब स्कूटी से घर जाने लगी तो देखा की उसका टायर पंक्चर है।

इस बीच, पास में खड़े 20 वर्षीय एक युवक स्कूटी का पंक्चर जोड़कर लाने के बहाने प्रियंका की स्कूटी अपने साथ ले गया। उसके कुछ देर बाद युवक वापस आया और प्रियंका को बताया कि पंक्चर जोड़ने वाला कोई नहीं है और वह स्कूटी को किसी दूसरी जगह ले जाएगा। प्रियंका ने युवक को टोकते हुए कहा कि अब उसकी जरूरत नहीं है और वह खुद ही इसका पंक्चर बनवाएगी। परंतु युवक स्कूटी फिर से बीच रास्ते में खराब होने की आशंका व्यक्त करते हुए उसे अपने साथ लेकर चला गया।

प्रियंका रात्रि 9.22 बजे अपनी बहन भव्या को फोन कर बताया कि उसकी स्कूटी का टायर पंक्चर हुआ है और एक युवक उसे जोड़कर लाने के लिए गया है। उसने कहा, 'बगल में लॉरी में कुछ लोग हैं जो मुझे घूर रहे हैं। यहां चारों तरफ लॉरी ड्राइवर हैं और उन्हें देखकर डर लगने लगा है और सभी मेरी तरफ देख रहे हैं।' प्रियंका ने बहन से कुछ देर तक फोन पर बातें करने की अपील की। इस तरह करीब 6 मिनट तक प्रियंका अपनी बहन से फोन पर बातें करती रही. लेकिन उसके बाद प्रियंका का फोन स्विच ऑफ हो गया।

चटानपल्ली में मिला शव...

गुरुवार तड़के शादनगर के सीमावर्ती क्षेत्र चटानपल्ली के पास आग देखकर स्थानीय किसानों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और लाश की पहचान करने के साथ ही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।

घटनास्थल पर जांच में जुटी पुलिस 
घटनास्थल पर जांच में जुटी पुलिस 

उधर, बुधवार रात बहन से फोन पर बातचीत के दौरान प्रियंका का सेलफोन स्विच ऑफ होने और रात्रि ११ बजे के बाद भी उसके घर नहीं लौटने से परिवार के सदस्यों ने शमशाबाद थाने में प्रियंका के लापता होने का मामला दर्ज करवाया। गुरुवार सुबह शादनगर में महिला की हत्या की खबर मिलने से मौके पर पहुंची पुलिस ने आग में बुरी तरह से झुलसी प्रियंका की पहचान उसके गले में मौजूद लॉकेट के आधार पर की।

कई तरह के संदेह

प्रियंका को किसी दूसरी जगह हत्या करने के बाद लाश को चटानपल्ली के पास लाकर फेंके जाने की आशंका व्यक्त हो रही है। ऐसे सवाल उठ रहे हैं कि क्या तोंडुपल्ली टोलप्लाजा के पास खड़े लॉरी चालकों ने प्रियंका का बलात्कार करने की कोशिश की थी और उसके विरोध करने पर उसकी हत्या कर लाश को आग लगा दी है? बुधवार रात 9.30 बजे प्रियंका रेड्डी का सेलफोन स्विच ऑफ होने के बाद ही बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया होगा। उसके बाद उन्होंने उसे करीब 7 घंटे तक अपने पास रखने के बाद उसकी हत्या कर दी होगी।

प्रियंका का किडनैप और उसकी लाश बरामद हुई जगहों के बीच करीब 30 किलो मीटर का फसला है। बुधवार रात 9.30 बजे प्रियंका का किडनैप करने के बाद बदमाश उसे गुरुवार तड़के 4 बजे तक कहां ले गए थे, इसका पता लगना बाकी है। डॉक्टरों ने घटनास्थल पर ही प्रियंका की लाश का पोस्टमार्टम किया।

प्रियंका की गतिविधियों पर नजर रखने वालों का....

प्रियंका अकसर गच्चीबावली आने और जाने के दौरान टोलटेग बूथ के पास अपनी स्कूटी पार्क किया करती थी। बुधवार शाम को टोलगेट के कर्मचारियों के उससे वहां स्कूटी पार्क करने से मना कर दिया तो वह अपनी स्कूटी आउटर सर्विस रोड के निकट पार्क कर चली गई।

रोजाना प्रियंका की गतिविधियों पर नजर रखने वालों ने ही इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया है या फिर इसके पीछे कोई और कारण है? इसका पता लगाने की कोशिश जारी है।

मीडिया से बात करते हुए प्रियंका रेड्डी के पिता श्रीधर रेड्डी 
मीडिया से बात करते हुए प्रियंका रेड्डी के पिता श्रीधर रेड्डी 

सर्विस रोड की तरफ सीसी कैमरे नहीं होने से वहां लॉरी पार्क करने वालों का पता नहीं लग पाया है। जहां प्रियंका का बलात्कार होने की आशंका व्यक्त की जा रही है वह जगह टोलप्लाजा से सिर्फ 60 मीटर की दूरी पर है। राल्लगुड़ी की तरफ जाने वाले सर्विस रोड से 60 मीटर की दूरी पर स्थित कंपाउंड में ही यह घटना घटी है।

अगर बहन की बात मानी होती...

प्रियंका अगर अपनी बहन की बात मानी होती तो आज जीवित होती। तोंडुपल्ली टोलप्लाजा के पास जाकर अगर खड़ी होती तो यह हादसा नहीं हुआ होता। पुलिस का भी कहना है कि प्रियंका यदि अधिक वाहनों की आवाजाही वाली जगह पर जाकर खड़ी होती तो उसके साथ ऐसा नहीं हुआ होता।

प्रियंका रेड्डी की मां और बहन 
प्रियंका रेड्डी की मां और बहन 
नंबर प्लेट हटाई गई स्कूटी 
नंबर प्लेट हटाई गई स्कूटी 

पुलिस ने प्रियंका की स्कूटी को गुरुवार की रात शादनगर के कोत्तुरु में बरामद किया। बदमाश स्कूटी का नंबर प्लेट निकल कर दुर्गा रोड पर नाटको कंपनी के पास छोड़कर फरार हुए हैं। परंतु हत्या से पहले यहां स्कूटी छोड़कर गए थे या घटना के बाद यहां छोड़ गए हैं, इसका पुलिस पता लगाने में जुटी है।

पुलिस हिरासत में दो आरोपी ?

प्रियंका की हत्या करने वाले दो आरोपियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिये जाने की खबर है। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर के रहने वाले लॉरी चालक सहित क्लीनर को हिरासत में लिए जाने की खबर है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने उस क्षेत्र के फोन सिग्न्लस ट्रेस किया है जहां खड़े होकर प्रियंका ने अपनी बहन भव्या से फोन पर बातें की थी। पुलिस ने फोन सिग्नल ट्रेस करने पर लॉरी चालक और क्लीनर के फोन कॉल्स का पता चला है और उनके कॉलडेटा के आधार पर आरोपियों को पकड़ लिया है।