जज को ही चकमा देने वाला गिरोह गिरफ्तार, यह है मामला

गिरफ्तार आरोपी - Sakshi Samachar

विजयवाड़ा : पुलिस ने फर्जी दस्तावेज के साथ जज को ही धोखा देने की कोशिश करने वाले जमानत दारों को गिरफ्तार किया है। जज की शिकायत पर मामले जांच कर रही पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया।

डीएसपी डी प्रसाद ने मीडिया को बताया कि जलदम मंडल क्षेत्र के हनुमकोंडापोलेम निवासी कर्रा बालराजू ने बेटी के साथ बलात्कार किया। इसके कारण वह गर्भवती हो गई। बेटी की मां की शिकायत पर पुलिस ने पिता के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया और 31 जुलाई को कावली सब जेल में न्यायिक हिरासत भेज दिया।

फर्जी स्टैंप

इसी क्रम में जिला कोर्ट ने बालराज को बेल मंजूर किया। साथ ही कावली कोर्ट में जमानत दारों को उपस्थित होने का आदेश दिया। बालराज के पिता वेंकटय्या ने गांव वालों को जमानत देने का आग्रह किया। मगर गांव वाले बाप की घिनौनी हरकत को देखकर जमानत देने इंकार किया।

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इसके बाद वेंकटय्या ने कावली में रह रहे अपने रिश्तेदार रमणम्मा से संपर्क किया। रमणम्मा के सुझाव पर वेंकटय्या ने रहमान से संपर्क करने को सुझाव दिया। रहमान ने इसके लिए 20 हजार रुपये फीस होने की बात कही। साथ ही इसके लिए आवश्यक जमानतदारों के लिए कावली निवासी याकूब से मिलने का सुझाव दिया।

याकूब ने वेंकटय्या से कहा कि मैंने ऐसे काम करना बंद कर दिया है। मगर सुझाव दिया कि नेल्लोर निवासी मीरामोहिद्दीन से संपर्क करने का सुझाव दिया। वेंकटय्या ने मीरामोहिद्दीन से मिला तो उसने इसके 10 हजार खर्च होने की बात कही। इसके लिए उसने नेल्लोर शहर के पडारुपल्ली जगजीवनरामनगर निवासी के सुब्बारामय्या उर्फ चिन्ना के साथ समझौता किया। चिन्ना ने फर्जी रब्बर स्टैंप तैयार किया।

इसके लिए उन्होंने उसी क्षेत्र के मंदा विद्यासागर और टी शिवा को जमानत के लिए तैयार किया। इसके बाद उन्होंने प्रापर्टी संबंधित एमपीडीओ और एमपीडीओ के फर्जी हस्ताक्षर के दस्तावेज तैयार किये।

इसी क्रम में 16 नवंबर को बालराजू के बेल से संबंधित जमीनतदार के रूप में मंदा विद्यासागर, ताटिपर्ती शिवा को कोर्ट में पेश किया। जज चैतन्या ने विद्यासागर से सवाल किया कि आरोपी आपका क्या होता है? जवाब विद्यासागर ने बताया कि बहन का पति है। जज ने फिर सवाल किया आपके बहन का नाम क्या है? विद्यासागर उसका नाम बता नहीं पाया। इसके चलते जज को उसके ऊपर संदेह हुआ। इसके बाद जज ने मामले की सुनवाई बाद में करने की बात कही। इस मामले की सुनवाई को कोर्ट में देख रहे फर्जी दस्तावेज करने वाले अन्य आरोपी वहां से फरार हो गये।

इसके बाद जज चैतन्या ने वन टाउन पुलिस थाने शिकायत दर्ज की। सीआई एम रोशय्या ने मामले की जांच आरंभ की। रोशय्या ने जांच के बाद इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किये जाने वालों में के सुब्बरामय्या उर्फ चिन्ना, ए सुमन, एम विद्यागर, टी शिवा शामिल है। पुलिस ने फर्जी स्टैंप को बरामद किया। इस गिरोह अन्य सदस्य फरार हैं।

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