न जाने कहां भाग गया रंगीन मिजाज नित्यांनद, अब पासपोर्ट खोज रही है गुजरात पुलिस

डिजाइन फोटो  - Sakshi Samachar

अहमदाबाद : रंगीन मिजाजी के चलते जमाने में बदनाम हो चुके दक्षिण भारत के स्वयंभू बाबा नित्यानंद गुजरात पुलिस के हाथ नहीं लग रहे हैं। ऐसे में गुजरात पुलिस ने तलाश के नाम पर बाबा के बजाए उनके पासपोर्ट को ढूंढ़ने में ही जुटना ठीक समझा। हालांकि गुरुवार को पांच घंटे बाबा के अहमदाबाद स्थित आश्रम का कोना-कोना खंगालने के बाद भी पुलिस के हाथ लगे सिर्फ मोबाइल फोन और 10-15 लैपटॉप।

कहा तो यह भी जा रहा है कि गुजरात पुलिस को भी कहीं से बाबा के विदेश भाग जाने की भनक लग चुकी है। ऐसे में गुजरात पुलिस भी अब अपना मुंह साफ रखने की गफलत में बाबा के बजाये उसका पासपोर्ट तलाश करने की ही कोशिशों में जुटी है।

उधर कर्नाटक और गुजरात पुलिस के ही एक उच्च पदस्थ सूत्र ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर आईएएनएस को शुक्रवार रात बताया, "नित्यानंद जब दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद भी दक्षिण भारत में खुलेआम मौज-मस्ती करता रहा था तब तो कर्नाटक पुलिस ने उसे पकड़ना नहीं चाहा। कर्नाटक कोर्ट में जब बाबा पर दुष्कर्म के आरोप में चार्ज फ्रेम होने की तारीख मुकर्रर कर दी गई, तो बाबा गायब हो गया। अब पुलिस उसे तलाशने का ढोंग भर कर रही है।"

दूसरी ओर तमाम ऐबों के फेर में पड़े बाबा के खिलाफ जब से कर्नाटक की अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है, बाबा का पता-ठिकाना तो दरअसल तभी से किसी को नहीं मिल रहा है। कहने को सितंबर 2019 से कर्नाटक पुलिस भी नित्यानंद की तलाश में खाक छान रही है। दरअसल नित्यानंद पर कर्नाटक में भी एक लड़की से दुष्कर्म का मामला अदालत में विचाराधीन है। उस मामले में नित्यानंद को आरोप तय होने वाले दिन यानी बीते जून माह की 6 तारीख को कर्नाटक की ट्रायल कोर्ट में पेश होना था।

दुष्कर्म के उस मामले में आशिक मिजाज ढोंगी बाबा नित्यानंद के साथ बनाए गए एक को छोड़कर बाकी सब आरोपी तो अदालत में पेश हुए, मगर मुख्य आरोपी यानी नित्यानंद तब भी कोर्ट को वकील के जरिये गच्चा देकर साफ बच निकला। हालांकि बाद में जब कोर्ट ने वकील को आड़े हाथ लिया, तो उसने बाबा और खुद की गर्दन बचाने के लिए ट्रायल कोर्ट में बताया, "आरोपी नित्यानंद वाराणसी में हैं। जैसे ही वे वापस लौटेंगे अदालत के सामने हाजिर हो जाएंगे।"

यह बात है बीते सितंबर (2019) माह की। जब तमाम कोशिशों के बाद भी बाबा कर्नाटक कोर्ट में पेश नहीं हुआ तो, अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए। तभी से यह बबाली बाबा गायब है। कर्नाटक पुलिस बाबा की गिरफ्तारी के लिए हांफ रही है। दुष्कर्म के मामले में कर्नाटक पुलिस नित्यानंद को दबोच पाती उससे पहले ही, अहमदाबाद आश्रम में स्वयंभू बाबा नित्यानंद की करतूत का एक और भंडाफोड़ हो गया।

बुधवार को कर्नाटक के ही रहने वाले एक दम्पत्ति की शिकायत पर अहमदाबाद (देहात) स्थित आश्रम पर छापा मार दिया। बाबा के खिलाफ केस दर्ज कर इस आश्रम की दो संचालिकाओं को गिरफ्तार करके पुलिस ने रिमांड पर ले लिया। फिलहाल बाबा की यह दोनों विश्वासपात्र महिलाएं गुजरात पुलिस की हिरासत में हैं।

दोनो महिलाओं को लेकर पुलिस गुरुवार को पांच घंटे तक बाबा के अहमदाबाद आश्रम को खंगालती रही। छापे में मिले हैं 10-15 लैपटॉप और कई मोबाइल फोन। इस बारे में शुक्रवार को आईएनएस से फोन पर बातचीत करते हुए अहमदाबाद (देहात) के पुलिस उपाधीक्षक केटी कमरिया ने कहा, "सन 2006 से नित्यानंद अहमदाबाद वाले आश्रम पर आया ही नहीं है। इस आश्रम के संचालन की जिम्मेदारी उसने अपनी उन्हीं दोनों विश्वासपात्र महिलाओं को दे रखी थी, जिन्हें बुधवार को हमने गिरफ्तार कर लिया है।"

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दरअसल अहमदाबाद पुलिस ने केस दर्ज करके आश्रम द्वारा बंधक बनाए गए नाबालिग भाई-बहन को तो सकुशल रिहा करा लिया, मगर बाबा का हाथ न लगना पुलिस की बहुत बड़ी हार है। अब चारों ओर से हारी-थकी गुजरात पुलिस इस बबाली बाबा की तलाश में हांफती हुई मारी-मारी फिर रही है।

बाबा की तलाश में बेहाल गुजरात पुलिस का हाल यह हो चुका है कि बाबा नहीं तो कम से कम उसका पासपोर्ट ही मिल जाए। यह अलग बात है कि अहमदाबाद पुलिस कई घंटे स्थानीय आश्रम में चप्पे-चप्पे की पड़ताल के बाद भी नित्यानंद तो दूर की कौड़ी रहा, उसके पासपोर्ट की फोटो कॉपी भी नहीं तलाश पाई।

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