बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के एक सरकारी स्कूल की दो नाबालिग छात्राओं ने स्कूल के सात शिक्षकों पर उनके साथ छेड़खानी और अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सभी आरोपी शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया है।

बलौदाबाजार जिले के पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि कसडोल थाना क्षेत्र स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की दो नाबालिग छात्राओं ने स्कूल के सात शिक्षकों पर आरोप लगाया हे कि वे उनके साथ अश्लील हरकतें और छेड़खानी करते थे। छात्राओं के परिजनों की ओर से शिकायत मिलने पर कसडोल थाने में मामला दर्ज किया गया है।

कसडोल थाना के प्रभारी दीनबन्धु उइके ने बताया कि छात्राओं के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पिछले वर्ष पांच जनवरी को आरोपी शिक्षक देवेंद्र खुंटे स्कूली बच्चों को पिकनिक ले गए थे। पिकनिक से वापस लौटने पर खुंटे एक छात्रा को अपने घर ले गए। जहां उन्होंने छात्रा के साथ अश्लील हरकतें और छेड़खानी की।

इसी तरह शिक्षक रामेश्वर प्रसाद साहू पर आरोप है कि वह स्कूल की ही एक छात्रा को फोन कर अश्लील बातें करता था। उइके ने बताया कि जब छात्राओं के परिजनों ने इसकी जानकारी शाला प्रबंधन समिति को दी तब समिति की बैठक के दौरान इसकी सूचना स्कूल के प्राचार्य दिनेश कुमार साहू को दी गई। लेकिन वह परिजनों और शिक्षकों को समझाने का प्रयास करने लगे।

इस दौरान सभी स्कूली बच्चों के परिजन वहां पहुंचे और शिक्षकों को स्कूल के कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दो नाबालिग छात्राओं के परिजनों की लिखित शिकायत पर पुलिस ने सात शिक्षकों को स्कूल से ही गिरफ्तार कर लिया है।

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उइके ने बताया कि दोनों नाबालिग छात्राओं के परिजनों की शिकायत पर दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गयी है। थाना प्रभारी ने बताया कि सभी सात आरोपी शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

इस मामले में पुलिस ने स्कूल के सात शिक्षकों देवेंद्र खुंटे, रामेश्वर प्रसाद साहू, रूपनारायण साहू, महेश कुमार वर्मा, दिनेश कुमार साहू, चंदन दास बघेल और लालमन बेरवंश के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 363, 354, 120बी, 34 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो), अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।