उम्र कैद की सजा सुनकर भी हंसता रहा दरिंदा प्रेमी, लड़की की हत्या से पहले पढ़ा था गरूड़ पुराण

शिवकिरण उर्फ चीकू किशोर शाशन ( बाएं) को भावना मर्डर केस में उम्र कैद की सजा मिली है। - Sakshi Samachar

सूरत : गुजरात के सूरत में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। दरअसल चार पहले यहां एक प्रेमी टीचर ने एक लड़की के साथ होटल में ज्यादती की फिर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद प्रेमी ने उस पर पेट्रोल छिड़कर जिंदा जला दिया था। अब इस मामले में सूरत की डिस्ट्रिक्ट सेशन कोर्ट ने सनकी आशिक को उम्र कैद की सजा सुनाई है। खबर है कि जब जज अपना फैसला सुना रहे थे तब भी उसे कोई फर्क नहीं पड़ा और कोर्ट में वह हंसता रहा।

क्या है मामला ?

मृतक लड़की भावना मौर्या वलसाड़ की रहने वाली थी। भावना ट्यूशन के लिए शिवकिरण उर्फ चीकू किशोर शाशन के यहां जाती थी। इस दौरान शिवकिरण भावना से एक तरफा प्यार करने लगा। इसके बाद कई बार उसने भावना को संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। भावना के पिता को इस बात की जानकारी होने पर उन्होंने वलसाड़ पुलिस थाने में 2009 में इसकी कंप्लेन की। थाने में कंप्लेन के बाद चीकू ने भावना से सारे संबंध तोड़ लिए थे, लेकि रिश्ते को तोड़ने से पहले चीकू ने उसे धमकी दी थी। उसने भावना को कहा था कि अगर तुम मेरी नहीं हो सकती, तो किसी की भी नहीं होने दूंगा। यहीं से उसने भावना के मर्डर की प्लानिंग करनी शुरू कर दी थी।

हत्या से पहले प्रेमी ने पढ़ा था गरूण पुराण

दैनिक भास्कर में छपी खबर के मुताबिक आरोपी ने हत्या भावना का मर्डर करने से पहले वह गरुड़ पुराण पढ़कर गया था। उसने अगस्त 2015 में चीकू ने घर से चाकू, माचिस लेकर निकला। रास्ते में उसने एक पेट्रोल पंप से 100 रुपए का पेट्रोल भी खरीदा। फिर वलसाड़ रेल्वे स्टेशन से भावना को अपनी बाइक पर बिठाकर डुमस के एक होटल ले गया था। वहां उसने भावना के साथ ज्यादती की। उसके बाद उसका गला दबाया, फिर खींचकर उसे बाथरूम ले गया, जहां उसके शरीर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया

फरियादी चाहते थे दोषी को मिले मौत की सजा

हत्या का यह मामला पिछले चार साल से कोर्ट में विचाराधीन था। बीते मंगलवार को कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया। इस मामले में फरियादी की ओर से एडवोकेट श्रृंगी देसाई ने पैरवी की। फरियादी इस मामले में हत्या से जुड़े कई सबूत पेश किए लेकिन कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जबकि फरियादी दोषी के लिए मौत की सजा की मांग कर रहे थे।

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