हापुड़ : दिल्ली से सटे हापुड़ के पिलखुवा से पुलिस का क्रूर चेहरा सामने आया है। यहां पुलिस कस्टडी में हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद उसके बेटे का बयान सामने आया है। बेटे का कहना है कि थाने में पापा को अंदर लाया गया। पापा के साथ मारपीट की गई। कम से कम 10 लोग मारपीट कर रहे थे। अंदर से चीखने की आवाजें आ रहीं थीं।

बच्चे ने आगे बताया कि ये सिलसिला कई घंटों तक चलता रहा। पापा तड़प रहे थे। किसी ने भी पानी लाकर नहीं दिया। मैंने कहा कि मैं अपने पापा को पानी दे दूं तो पानी भी नहीं देने दिया। पापा को हॉस्पिटल लेकर गए तो उन्हें ऐसे ही छोड़ दिया उनका इलाज भी नहीं कराया।

ये है पूरा मामला

पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के मुताबिक, ”30 अगस्त को लाखन गांव के जंगल में एक महिला की जली हुई बॉडी मिली थी। शक के आधार पर पुलिस ने लाखन गांव निवासी प्रदीप तोमर (35) को बुलाया था। पूछताछ के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। आरोप है कि पुलिस ने उसके साथ थर्ड डिग्री का प्रयोग किया।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

परिवारवालों का आरोप है कि पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए प्रदीप को थर्ड डिग्री दी गई थी, जिसे वह सहन नहीं कर सका और उसकी मौत हो गई। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिस की क्रूरता के निशान प्रदीप के शरीर पर दिख रहे हैं। पुलिस ने उसके नाजुक अंगों पर भी पिटाई की।

इसे भी पढ़ें :

पंचायत ने लगाई अपहरण और गैंगरेप की कीमत 6 लाख, मामला रफा-दफा

भतीजी से रेप कर रहा था अखिलेश, ताऊ ने देखा तो नंगे बदन दौड़ने लगा आरोपी

सीएम योगी से कार्रवाई की मांग

इस मामले में पीड़ित पिता ने उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पुलिस कस्टडी में हुई मौत के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए। साथ ही परिवार को एक करोड़ रुपये की मदद और तीन सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जाए।

एसएचओ समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड

मेरठ जोन के आईजी आलोक सिंह के निर्देश पर हापुड़ पुलिस ने पिलखुआ के थाना प्रभारी समेत 3 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। आईजी ने आदेश दिया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों की सुरक्षा की जाए। साथ ही, पुलिस की इमेज का भी ध्यान रखा जाए।