गिद्दलूरु : शादी की शहनाई की आवाज अभी-भी घरवालों के कानों में गूंज ही रही थी, दुल्हन के हाथों की चूड़ियां अभी ससुराल में खनक ही रही थी कि घर में परिजनों की चित्कार गूंज उठी।

जिन्हें दो महीने पहले दुल्हा-दुल्हन की तरह सजा हुआ परिजनों ने देखा था उनकी चिता सजाते हुए परिजनों के हाथ कांपने लगे।

आषाढ़ का महीना होने से दोनों पति-पत्नी परिवार से दूर गए थे पर इतनी दूर चले जाएंगे ये तो परिजनों ने भी नहीं सोचा था। परिजनों के आंसू देखकर और नव-दंपति के शवों को देखकर हर किसी की आंखों में आंसू आ गए।

माना जा रहा है कि पति ने पहले अपनी नवविवाहिता को पत्थर से दे मारा और उसके बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। बुधवार को इस घटना ने गिद्दलूरु में हड़कंप मचा दिया।

घटना इस प्रकार है कि...गिद्दलूरु मंडल के उय्यालपाड गांव रहनेवाला पिक्किली काशय्या और अंकालम्मा दंपति का पुत्र रामय्या (22) ड्राइवर का काम करता था।

इसी साल मई की 19 तारीख को उसकी शादी उसी मंडल के आदिमूर्ति गांव की रहने वाली मंड्ल श्रीनिवासुलु व रमादेवी की पुत्री चंद्रकला (19) से हुआ। आषाढ़ महीने के शुरू होने से कुछ दिन पहले ही वह मायके गई थी।

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इसी महीने की 9 तारीख को रामय्या भी ससुराल गया था। कंभम में अपनी बहन के घर जाकर फोटो खिंचवाने की बात कहकर वह पत्नी को बाइक पर ले गया। पर वह उसे कंभम न ले जाकर बोदीवागु के पास अपने खेत में ले गया।

बुधवार की सुबह स्थानीय लोगों ने उन्हें वहां निर्जीवावस्था में पड़े देखा तो पुलिस को खबर की।

चंद्रकला के शव पर चोट के निशान देखकर और पास ही खून लगे पत्थर को देखकर पुलिस ने अनुमान लगाया कि रामय्या ने पहले पत्थर से चंद्रकला को मारा और फिर कीटनाशक पीकर खुद भी आत्महत्या कर ली।

एसआई समंदरवली ने घटना स्थल का जायजा लेकर केस दर्ज कर लिया और जांच चल रही है। पोस्टमार्टम के लिए शव को अस्पताल भेज दिया गया है। यर्रगोंडपालेम सीआई मारुतिकृष्ण गिद्दलुरु पुलिसस्टेशन जाकर इसके कारणों की जांच कर रहे हैं।

संपत्ति ही हो सकती है कारण ....?

चंद्रकला के माता-पिता आरोप लगा रहे हैं कि संपत्ति विवाद की वजह से ही हमारी बेटी को दामाद ने मारा और फिर वह खुद भी मर गया। उनका कहना है कि दामाद रामय्या का उसके पिता काशय्या से बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था।

उसी कारण वह मानसिक तनाव से भी गुजर रहा था। इसी तनाव के चलते उसने चंद्रकला को मारकर खुद की जान भी ले ली। चंद्रकला के माता-पिता ने ये भी कहा कि उनकी बेटी के अपने जीवन को लेकर कई सपने थे, वह जीना और अपने सपनों को साकार करना चाहती थी।

हमने उसकी शादी की तो सोचा कि वह आराम से रहेगी पर दो महीनों में ये सब हो गया। गांव के नजदीक ही उसकी शादी की ताकि वह हमसे दूर न जाए पर अब तो वह इतनी दूर चली गई।

गांव के लोग परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं पर उनका दुख कम ही नहीं हो रहा।