कोलंबो : एक महिला पुलिस अधिकारी को इसलिए सजा दी गई है, क्योंकि उसने 15 साल की नाबालिग बच्ची को ना सिर्फ डराया-धमकाया बल्कि झूठा आरोप लगाने के लिए प्रेरित भी किया। ना सिर्फ लड़की को बल्कि उसके परिजनों को भी महिला अधिकारी ने झूठ बोलने के लिए प्रताड़ित किया।

श्रीलंका की सुप्रीम कोर्ट ने वहां की एक महिला अधिकारी को सजा सुनाई है। महिला अधिकारी पर आरोप है कि उसने नाबालिग लड़की पर दबाव बनाया और जबरदस्ती हिरासत में रखा। चीफ इंस्पेक्टर वारुणी बोगहावट्टे बच्ची पर यह स्वीकार करने के लिए दबाव डालती रही कि एक स्थानीय नेता ने उससे दुष्कर्म किया है।

बच्ची के मना करने पर महिला पुलिस अधिकारी ने उसका बार-बार मेडिकल कराया, जिससे कि यह साबित किया जा सके कि उसका यौन उत्पीड़न किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने महिला पुलिस अधिकारी की तरफ से पीड़ित बच्ची को 1 लाख रुपये दिए जाने का भी आदेश दिया।

इतना ही नहीं महिला पुलिस अधिकारी ने लड़की को जूवेनाइल नियमों का उल्लंघन करते हुए व्यस्कों के सेल में बंद किया और उस पर झूठ बोलने के लिए लगातार दबाव बनाती रही।

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब स्थानी पुलिस विभाग भी महिला अधिकारी के खिलाफ कार्यवाई की तैयारी कर रहा है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले के बाद महिला पुलिस अधिकारी को दिए अवॉर्ड वापस ले लिए जाएंगे। साथ ही उसके खिलाफ आंतरिक जांच भी की जाएगी।