हैदराबाद : तेलुगुभाषी युवतियों से शादी रचाने के लिए मैट्रीमोनी वेबसाइट पर अपना डिटेल्स अपलोड करने वाले विदेशी युवकों को शादी करने का दिलासा देकर लाखों की ठगी करने के आरोप में साइबराबाद क्राइम पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है।

साइबर क्राइम पुलिस के मुताबिक आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के इनमाडुगु गांव की रहने वाली अर्चना ने एसवी यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2016 में नेल्लोर स्थित एक कॉलेज में लेक्चरर रहे कोरम दुर्गा प्रवीण से शादी की।

इसी क्रम में अधिक धन कमाने की लालच में अर्चना ने मैट्रीमोनी वेबसाइट को अपना अड्डा बनाया। गूगल वेबसाइट से डाउनलोड की गई खूबसूरत युवतियों के फोटो के साथ उनसे जुड़ा कुछ डिटेल तेलुगु मैट्रीमोनी वेबसाइट पर अपलोड करती थी। अर्चना ने इस वेबसाइट पर केवल विदेशों में नौकरी करने वाले तेलुगु युवकों से शादी रचने का ऑप्शन रखा था।

ऐसे में विदेशों में काम कर रहे अपने बेटों को तेलुगु युवतियों के साथ शादी कराने के इरादा रखने वाले माता-पिता उनके डिटेल्स के साथ मैट्रीमोनी वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन करवाते थे।

कॉंसेप्ट फोटो 
कॉंसेप्ट फोटो 

सिर्फ विदेश में नौकरी करने वाले युवकों से शादी करने के विकल्प के साथ वेबसाइट पर पुषताई नाम से नकली आईडी क्रिएट कर चुकी अर्चना रिजस्ट्रेशन के दौरान वरों के माता-पिता द्वारा संपर्क के लिए दिए गए फोन नंबरों पर बात करती थी।

इस दौरान अर्चना वरों के माता-पिता से गूगल ऐप में उपलब्ध मोबाइल ऐप्स के द्वारा अलग-अलग आवाजों में बात करती थी। कभी-कभी वर के शादी से इनकार करने पर वह उसके माता-पिता से शादी की बात पक्की करती थी।

अर्चना को जब लगता था कि वर उससे बातचीत में अधिक समय बिता रहा है, तो वह अपनी (गूगल से डाउनलोड की गई युवतियों की) तस्वीरें भेजती थी और उसके बाद एंगेजमेंट रिंग, सोना, प्लाटिनम की इच्छा जाहिर करते हुए वर से लाखों रुपए वसूला करती थी।

इसी क्रम में गत 18 मई को एक वर के माता-पिता ने साइबराबाद क्राइम पुलिस ने शिकायत की कि अर्चना ने अमेरिका में साफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम कर रहे उनके बेटे से 1,50,000 रुपये विभिन्न बैंक खातों में डिपोजिट करवा कर बाद में फोनकॉल रिसीव करना बंद कर दिया।

पुलिस ने मामला दर्ज करने के साथ टेक्निकल डाटा के आधार पर आरोपी अर्चना को नगर में गिरफ्तार किया। इससे पहले भी इन्हीं अपराधों के मामले में नगर की साइबर क्राइम पुलिस ने अर्चना को गिरफ्तार कर चंचलगुड़ा जेल भेजा था, लेकिन दिसंबर 2018 में एक वकील की मदद से वह बाहर आई थी। पुलिस ने अर्चना को अदालत में पेश कर चेर्लापल्ली जेल भेज दिया है।