मुंबई। डॉक्टर पायल ताडवी के आत्महत्या मामले में एक विशेष अदालत ने तीनों आरोपी महिला डॉक्टरों की ज्यूडिशियल कस्टडी बढ़ा दी है। तीनों महिलाओं पर पायल को कथित रूप से उकसाने, उसके खिलाफ नस्लीय टिप्पणी करने का आरोप है।

आरोपी हेमा आहूजा, भक्ति मेहर और अंकिता खंडेलवाल अदालत में रो पड़ी और कहा कि वे लोग अब और जेल में नहीं रह सकती हैं। इससे पहले अदालत ने कहा था कि वह आरोपियों की जमानत याचिका पर 17 जून को सुनवाई करेगी।

पायल ताडवी ( फाइल फोटो)
पायल ताडवी ( फाइल फोटो)

अदालत ने बी. वाई. एल. नैयर अस्पताल से जुड़ी तीनों डॉक्टरों की न्यायिक हिरासत अवधि 14 दिन के लिए बढ़ा दी। इन तीनों को कनिष्ठ सहयोगी डॉक्टर पायल ताडवी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में 29 मई को गिरफ्तार किया गया था। तीनों ने कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है और अदालत से उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई पहले करने का अनुरोध किया।

क्या है मामला

पायल बीवायएल नायर हॉस्पिटल में एमडी की छात्रा थी, जिसने 22 मई को हॉस्टल में आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद तभी से यह मामला सुर्खियों में बना हुआ है। अब पायल के पति ने तीनों आरोपी डॉक्टरों पर पायल की हत्या का आरोप लगाकर मामले को और पेचीदा बना दिया हैपुलिस के मुताबिक आत्महत्या से पहले पायल ने अपनी मां से फोन पर कहा था कि वह अपनी तीनों सीनियर डॉक्टरों के उत्पीड़न से परेशान हो गई है, अब वह इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। वे तीनों उसे आदिवासी और जातिसूचक शब्दों से बुलाती थी।