नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के हापुड़ में बीती 28 अप्रैल को खुद को आग लगा लेने वाली महिला दिल्ली के एक निजी अस्पताल में मौत से जंग लड़ रही है। महिला का कहना है कि जल जाने के बाद अब उसका कोई गैंगरेप नहीं कर पाएगा। इस महिला को पहले पिता ने ही बेच दिया था और बाद में इसके साथ कई बार गैंगरेप भी हुआ।

एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "मैं मर जाना चाहती हूं। कोई भी ऐसे दर्द और प्रताड़ना से गुजरना नहीं चाहेगा। लेकिन कम से कम लोग अब मेरा रेप नहीं कर पाएंगे, क्योंकि मेरा शरीर जल चुका है।"

महिला ने बताया, 'मेरा दूसरा पति शैतान था। वो अपने दोस्तों के साथ मिलकर मेरा रेप करवाता था। वो ऐसा था इसलिए और लोग भी सोचते थे कि मैं ऐसे कामों के लिए 'उपलब्ध' हूं। मैंने कई बार पुलीस में शिकायत भी दर्ज कराई लेकिन हर बार यही कहा गया कि जांच की जा रही है। अक्टूबर 2018 में मैंने शिकयत की थी लेकिन अप्रैल 2019 तक भी FIR दर्ज नहीं की गई थी। हर तरफ से नाउम्मीद होकर उसने खुद को आग लगा ली।

महिला के अनुसरा उसका पति उसके पिता का ही दोस्त था। पति रोज न सिर्फ उसे मारता था बल्कि दोस्तों के साथ मिलकर रेप भी करता था। उसके खुद के पिता, दो भाई और एक बहन ने उसकी मदद करने से इनकार कर दिया था। महिला के तीन बच्चे हैं जिनमें से एक पहले पति से है, एक दूसरे पति से जबकि एक रेप के बाद पैदा हुआ है।

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क्या है मामला?

पीड़ित युवती (28 साल) के पिता व चाची ने उसे 10 हजार रुपये में गांव के ही एक शख्स को 2 साल पहले सौंप दिया था। उस शख्स ने उससे शादी कर ली। शादी के बाद उसके पति पर कुछ लोगों का कर्जा हो गया था। जिसे वह चुका नहीं पा रहा था। इस कारण उसने अपनी पत्नी को उन लोगों के पास जाने हो कहा। मना करने पर उससे 2 साल में 14 बार अलग-अलग लोगों ने रेप किया। इस मामले में उसने कई बार थाने में जानकारी दी, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। किसी तरह वह आरोपितों के पास से भागकर मुरादाबाद पहुंची और इंसाफ न मिलने से निराश होकर 28 अप्रैल को वहां खुद को आग लगा ली। वहां गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया।

वहीं दूसरी तरफ दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मामले में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को लेटर लिखकर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद रविवार रात को पुलिस हरकत में आई और बाबूगढ़ पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ रेप व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। एक ही गांव के 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से गांव में हड़कंप मच गया है।