वो महिला के साथ 3 घंटे तक करते रहे हैवानियत, पति लगाता रहा रहम की गुहार

आरोपियों ने महिला और उसके पति की पिटाई भी की। - Sakshi Samachar

जयपुर: राजस्थान के अलवर जिले के थानागाजी थाना क्षेत्र में पति के सामने एक महिला के साथ 3 घंटे तक गैंगरेप मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। बता दें कि पति पत्नी के साथ हैवानियत की यह घटना 26 अप्रैल की है।

क्या है पूरा मामला

राजस्थान के अलवर जिले में थानागाजी इलाके में एक दलित महिला से गैंगरेप किया गया है। 5 लोगों ने शादी की खरीदारी करने के लिये जा रहे एक पति - पत्नी को ज़बरदस्ती रोक लिया। इन लोगों ने पति के सामने ही महिला के साथ रेप किया और उसका वीडियो भी बना लिया। इस दौरान महिला जितनी बार महिला उन्हें रोकने की कोशिश करती पांचों युवक उसके साथ उतनी ही दरिंदगी करते रहे। तीन घंटे लगातार इन लोगों ने महिला के साथ रेप किया। इसके बाद आरोपियो में से एक मुकेश घटना का वीडयो बनाता रहा। आरोपियो ने इस दिल को झकझोर देने वाली और उसके 11 विडियो भी बनाए ताकि कपल को ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठ सकें। 6 मई इस घटना का एक वीडियो वायरल हो गया। इस घटना ने राज्य में सियासी रंग ले लिया है। अब तक 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस के चंगुल से अभी भी मुख्य आरोपी बाहर है।

आरोपी का पहले भी लूट और मारपीट का आपराधिक रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता के बयान दर्ज किये गये हैं। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि आरोपी इंद्रराज गुर्जर को शिनाख्त परेड के लिये जेल भेजा गया है जबकि अन्य आरोपियों मुकेश गुर्जर, महेश गुर्जर, अशोक गुर्जर को अदालत में पेश किया गया जहां अदालत ने उन्हें 13 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। दो अन्य आरोपियों हंसराज और छोटेलाल को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जायेगा।

भाजपा ने सरकार पर लगाया मामला दबाने की कोशिश का आरोप

विपक्षी भाजपा ने सरकार पर लोकसभा चुनाव के चलते मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। अलवर, अजमेर, सवाईमाधोपुर और चुरू सहित राज्य भर में कई हिस्सों में बृहस्पतिवार को प्रदर्शन हुए। भाजपा नेता बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सर्किल पर विरोध प्रदर्शन करने के बाद एक ज्ञापन देने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, हालांकि कलेक्टर उस वक्त वहां मौजूद नहीं थे

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कलेक्टर से ली थी ज्ञापन देने की स्वीकृति

भाजपा सांसद और केन्द्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया, ‘‘हमने पहले ही जिला कलेक्टर से लिखित में ज्ञापन देने का समय और स्वीकृति ले ली थी, लेकिन वह सीट पर उपलब्ध नहीं थे। यह गंभीर मामला है। लोग जानना चाहते हैं कि राज्य में लोकसभा चुनाव के दौरान किसने इस मामले को दबाने के निर्देश दिेये।'' भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी ने कहा, ''यह वीभत्स अपराध है और राज्य सरकार पर कलंक है। मामले में समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। लोकसभा चुनाव में नुकसान को देखते हुए सरकार ने इस मामले को दबाने की कोशिश की है। जिन कांग्रेसी नेताओं ने मामले को दबाने के निर्देश दिये हैं, वे भी अपराधी हैं।''

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