माओवादी दंपत्ति ने तेलंगाना पुलिस के सामने किया सरेंडर, तीन राज्यों में था खौफ का साम्राज्य

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी सुधाकर और उसकी पत्नी अरुणा की जानकारी देते DGP महेंदर रेड्डी - Sakshi Samachar

हैदराबाद: निर्मल जिले के माओवादी नेता सट्वाजी ऊर्फ सुधाकर और उसकी पत्नी वैदुगुला अरुणा ऊर्फ निलीमा ने तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। DGP महेंदर रेड्डी ने कहा कि वर्ष 1983 से लेकर 1985 के दौरान सुधाकर ने आदिलाबाद में माओवादियों के लिए कुरियर का काम किया था। तत्पश्चात वह DCS कनकम सुदर्शन के सहयोग से माओवादी गतिविधियों में शामिल हुआ।

DGP ने कहा कि बेंगलुरु क्षेत्र में माओवादियों के लिए उसने शस्त्र आपूर्ति की। इस मामले में वह जेल जा चुका था।

जेल में सुधाकर का परिचय वरवर राव से हुआ। वर्ष 1990 से सुधाकर अज्ञातवास में चला गया और वर्ष 1992-94 के बीच माओवादी दल का सदस्य बना। वह वर्ष 2003 से 2013 तक स्टेट मिलटरी कमीशन का सदस्य रहा। वर्ष 2014 से 2019 तक केंद्रीय समिति का सदस्य रहा। मिलटरी सदस्य के तौर पर उसने बिहार और झारखंड के लिए काम किया था।

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सुधाकर की पत्नी अरुणा वरंगल जिले के दुग्गोंडी की है। बाल विवाह के कारण वह हताश हुई और माओवादियों के गानों के प्रति आकर्षित हो कर वह दल में शामिल हुई। उन्होंने कहा कि माओवादी बनी कई महिलाओं ने आत्महत्या कर ली। उसने बताया कि प्रताड़ना से तंग आ कर उसने आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया। सुधाकर पर 25 लाख रुपये और उसकी पत्नी पर 10 लाख रुपये का इनाम है।

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