जगदलपुर : मलकानगिरि से विस्फोटक लेकर उसे झीरम घाटी इलाके में सक्रिय नक्सलियों तक पहुंचाने के आरोपियों को एडीजे-3 सुनीता साहू ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया।

न्यायालय ने गवाहों के बयान और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर यह माना कि इनकी नक्सलियों से संलिप्तता थी। अर्थदंड की रकम न अदा करने पर तीनों को 5 महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास अलग से भुगतना होगा। बस्तर पुलिस ने 4 मई 2017 को दरभा इलाके में कार्रवाई की थी।

यह भी पढ़ें :

कामकाज के बंटवारे से जुड़ी याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- चीफ जस्टिस पर नहीं जताया जा सकता अविश्वास

ऐसा गुनाह जिसके लिए कोर्ट ने सुनाई 500 साल की सजा

न्यायालय ने गवाहों के बयान और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर यह माना कि माओवादियों के संगठन से जुड़े रहकर पुलिस के जवानों और आम लोगों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से विधि विरुद्ध क्रियाकलापों में तीनों आरोपी शामिल थे। शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक वरुणा मिश्रा ने पैरवी की।

अभियोजन के मुताबिक, 4 मई, 2017 को डीएसपी निमेष बैरिया के मार्गदर्शन में एसएचओ दरभा अपने साथी पुलिस जवानों के साथ दरभा-झीरम इलाके में सर्चिग पर निकले थे। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गश्त कर रही पुलिस ने झीरम घाटी के टेकर्रा के समीप दो लोगों को पुलिस से छिपने की कोशिश करते हुए पाया, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया था।

पूछताछ में दोनों आरोपी किस्टन साई चांडी निवासी कोर्रा (मोटू थाना क्षेत्र मलकानगिरि) और अनंतपली जिला मलकानगिरि के विजय विश्वास (45) निवासी सुकमा ने स्वीकारा किया कि मलकानगिरि जिले के अनंतपली निवासी दाऊद नक्का (45) से उन्हें जिलेटिन रॉड, डेटोनेटर और कार्डेक्स वायर झीरम घाटी इलाके में सक्रिय नक्सलियों तक पहुंचाना था।

दरभा पुलिस ने कोर्रा चांडी के कब्जे से 60 नग जिलेटिन रॉड, 100 नग डेटोनेटर और विजय विश्वास के कब्जे से 40 नग जिलेटिन रॉड और 3 बंडल टेप लगा हुआ कार्डेक्स वायर बरामद किया। देहाती नालसी में दर्ज बयान को आधार बनाते हुए केशलूर एसडीपीओ निमेश बरैया ने 18 मई 2017 को सुकमा जिले के झापरा से तीसरे आरोपी दाऊद नक्का को गिरफ्तार किया और उसे प्रकरण का तीसरा आरोपी बनाया। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने पाया कि तीनों आरोपी नक्सली संगठन के लिए सक्रिय रहकर काम किया करते थे।

फैसले में न्यायाधीश ने लिखा कि विस्फोटक पदार्थ जीवन को नुकसान पहुंचाने वाले थे। प्रकरण से जुड़े समस्त तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए धारा 4, 5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के आरोप में 5-5 वर्ष सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपये जुर्माना किया। न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि दी गई सजा में मुजरा की जाएगी।