तिरुमला (आंध्र प्रदेश) : तिरुमला से दो दिन पहले अपहरण किये गये बालक का पता चला है। तिरुमला में शुक्रवार को सुबह अपहरण का शिकार हुआ बालक वीरेश रविवार को नांदेड (महाराष्ट्र) की पुलिस को सुरक्षित मिला है।

पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र निवासी प्रशांत अपनी पत्नी और डेढ़ साल का बेटा वीरेश के साथ शुक्रवार को भगवान बालाजी के दर्शन करने आये। भगवान बालाजी के दर्शन करने के बाद उन्हें रहने के लिए कमरा नहीं मिला। इसके चलते वे माधवा निलयम के पास आराम करने लगे।

बालक को ले जाता हुए फुटेज
बालक को ले जाता हुए फुटेज

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इसी दौरान वीरेश लापता हो गया। आसपास ढूंढने पर भी उसका कहीं पर भी पता नहीं चला। इसके चलते प्रशांत ने बेटे के लापता होने की पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की।

तिरुमला एसीपी महेश्वर राजू ने बालक का पता लगाने के लिए छह विशेष पुलिस दल को गठन किया। पुलिस ने बालक के अपहरण को लेकर आस पास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच में पाया कि बालक का लापता नहीं हुआ है बल्कि उसका अपरहण किया गया।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में पाया कि सुबह 7.30 बजे माधव निलयम के पास गंगम्मा मंदिर के सामने एक 42 वर्षी एक व्यक्ति ने वीरेश का अपहरण किया है। पुलिस ने इस घटना से जु़ड़े फोटों को छपवाकर बसों में चिपकाया। साथ ही टीवी व अखबारों में प्रसारित और प्रकाशित किया। इसके अलावा पोस्टरों को सार्वजिक स्थानों में भी वितरित किया है।

दूसरी ओर रविवार को सुबह पोस्टर, टीवी और अखबारों में छपे तस्वीरों को देखकर नांदेड के लोगों ने बालक और अपहरणकर्ता को पहचाना और उसे पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को इस घटना की जानकारी दी। नांदेड की पुलिस जाकर बालक को अपने कब्जे में लिया और अपरहणकर्ता को हिरासत में लिया है। इस संबंध में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।