भोपाल : यहां अपने पति की बीमारी से परेशान एक सात महीने की प्रेग्नेंट महिला ने चौथी मंजिल की छत से छलांग लगा दी। आनन फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया और बाद में दम तोड़ दिया।

बताया जा रहा है कि इस घटना के तीन घंटे बाद ही दोनों नवजात बच्चों की भी मौत हो गई और थोड़ी देर बाद बीमार पति की भी मौत हो गई। बता दें कि रुह कपा देने वाली यह घटना भोपाल के साईंनाथ नगर में हुई। मृतक महिला गायत्री के पति मनोज गोहे कार फाइनेंस का काम करते थे। दोनों ने 10 साल पहले लव मैरिज किया था।

एक अखबार में छपी खबर के मुताबिक मृतक मनोज 12 नवंबर को चेकअप कराने हॉस्पिटल पहुंचे थे जहां डॉक्टरों ने उन्हें एडमिट कर लिया था। मनोज की पत्नी गायत्री को प्रेग्नेंट थी इस वजह से मनोज ने उन्हें अस्पताल आने के लिए मना कर दिया था। सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे गायत्री ने हॉस्पिटल में मौजूद देवर तरुण से फोन कर पति मनोज का हालचाल पूछा था। इसके बाद तरूण ने फोन अपनी भाभी को हॉस्पिटल आ जाने के लिए कहा ।

महिला ने इसी बिल्डिंग से  छलांग लगाई थी। 
महिला ने इसी बिल्डिंग से छलांग लगाई थी। 

40 फीट की ऊंचाई से लगाई छलांग

कहा जा रहा है कि पति से मिलने के लिए हॉस्पिटल निकलने वाली गायत्री कॉलोनी के गेट से बाहर निकली और कुछ दूर एक बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर जा पहुंची। करीब 40 फीट की ऊंचाई से उसने छलांग लगा दी। पहले तो वह कॉलोनी की बाउंड्रीवॉल पर लगी ग्रिल पर गिरी, फिर सड़क पर गिर पड़ी।

नन्ही आंखो से दुनिया भी नहीं देख पाए मासूम

रिश्तेदारों के मुताबिक सांसें थमने से पहले गायत्री ने अपने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। इनमें एक बेटा और एक बेटी थे। इसके लिए डॉक्टरों को ऑपरेशन भी करना पड़ा। बच्चों को जन्म देते ही गायत्री की मौत हुई। इसके तीन घंटे बाद वेंटिलेटर पर रखे बच्चे जो अभी दुनिया भी नहीं देख पाए थे उनकी भी सांसे थम गई।"