दलित युवती के साथ बलात्कार के आरोपियों को 20-20 साल की सजा 

कांसे्प्ट फोटो - Sakshi Samachar

करीमनगर (तेलंगाना) : करीमनगर एससी/एसटी विशेष अदालत ने एक युवति (18) के साथ बलात्कार के मामले में दो आरोपयों को 20-20 साल की सजा और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सुनवाई है। यह घटना 18 अप्रैल 2013 को हुई थी।

आपको बता दें कि आदिलाबाद जिले के बेल्लमपल्ली निवासी दलित युवति वरंगल जिले के जनगाम में इंटर पूरी की। युवति की तीन और बहनें हैं। बचपन में ही माता-पिता गुजर चुके हैं। इन चारों बहनों की परिवरिश उनके काका कर रहे थे। चार बहनों में एक बहन की शादी हो चुकी है। वह पेद्दपल्ली में रह रही है। इसी क्रम में 18 अप्रैल 2013 को युवती अपने बहने से मिलने के लिए शाम को बेल्लमपल्ली से ट्रेन में रवाना हुई और रामगुंडम में उतरी। पेद्दपल्ली जाने के लिए एक ट्रेन का इंतजार करने लगी। इसी दौरान रामगुंडम निवासी महम्मद समीर

(20) उसके पास आया और अपना परिचय करवा लिया। साथ ही कहा कि ट्रेन आने में समय है। इसीलिये थोड़ी देर के लिए बाजू पार्क आराम करने का बहाना बनाकर साथ ले गया। इसी दौरान समीर के दोस्त सूरा राजकुमार (22) ने दोनों को रोका और युवती को जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ बलात्कार किया। इसके बाद युवती डर के मारे चीखने-चिल्लाने लगी। उसकी चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग आने लगे। लोगों को देख दोनों फरार हो गये। पीड़ित युवती ने इस घटना की रामगुंडम थाने में शिकायत दर्ज की। डीएसपी उदय कुमार ने कोर्ट में सभी सबूत पेश किये। विशेष अदालत की जज एम. नागराजू ने गवाह और सबूत के आधार पर दोनों आरोपियों को सजा सुनवाई।

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