न्यूयॉर्क : संयुक्त राष्ट्र की एक कर्मचारी ने संगठन के एक शीर्ष अधिकारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है और दावा किया कि वैश्विक संगठन ने उसके आरोपों को गंभीरता से नहीं लिया।

सीएनएन को शुक्रवार को दिए साक्षात्कार में मार्टिना ब्रोस्ट्रॉम ने संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव लुइज लोरेस पर आरोप लगाया कि वर्ष 2015 में एक सम्मेलन के दौरान उन्होंने (लोरेस) उन्हें होटल के लिफ्ट में पकड़ने, जबरन किस करने और उन्हें खींचकर अपने कमरे में ले जाने की कोशिश की।

संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक एड्स कार्यक्रम 'यूएनएड्स' की नीति सलाहकार ब्रोस्ट्रॉम ने सीएनएन को बताया, "मैं उनके सामने गिड़गिड़ा रही थी और मैं पूरी कोशिश कर रही थी कि मैं लिफ्ट से नहीं निकल सकूं।" उन्होंने कहा, "मेरे साथ जो हुआ, जिस तरह के हालात पैदा किए गए, वैसा किसी और महिला के साथ नहीं होना चाहिए।"

लोरेस 'यूएनएड्स' के उपकार्यकारी निदेशक भी थे। उन्होंने 14 महीने तक चली जांच में सहयोग दिया, जिसका निष्कर्ष यह निकला कि मार्टिना के दावे को पुख्ता करने वाले सबूत अपर्याप्त हैं। मार्टिना ने इस जांच को दोषपूर्ण बताया है।

लोरेस इस सप्ताह अनुबंध खत्म होने के चलते संयुक्त राष्ट्र छोड़ रहे हैं। यूएनएड्स के एक प्रवक्ता ने सीएनएन से कहा कि ब्रोस्ट्रॉम के आरोपों की जांच एक निश्चित प्रक्रिया के तहत हुई है और वह अपील कर सकती हैं।

ब्रोस्ट्रॉम तीन महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने लोरेस पर ऐसी ही हरकते करने का आरोप लगाया। मलाया हार्पर ने सीएनएन को बताया कि 2014 में एक होटल में लोरेस ने उनके साथ ऐसी ही हरकत की थी। एक तीसरी अज्ञात महिला ने भी कुछ साल पहले लोरेस द्वारा यौन उत्पीड़न करने की शिकायत की थी।