हैदराबाद: नगर पुलिस ने खुद को डीआरडीओ का सीनियर वैज्ञानिक बताने और शोध कार्यों के लिये आरबीआई की तरफ से एक हजार करोड़ रुपये मंजूर होने का हवाला देते हुए लोगों को करीब 1.20 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले एक अंतर्राज्यीय अपराधी को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच-पड़ताल में पता चला है कि आरोपी मुंबई में रहकर देशभर में लोगों को चूना लगाया है।

दक्षिणी जोन के डीसीपी वी. सत्यनारायण के मुताबिक उत्तर प्रदश के सिद्धार्तनगर के अलीबाग निवासी बर्कत अली मानियार (42) रियल इस्टेट कारोबार करने के लिये मुंबई पहुंचा। दूसरी कक्षा तक की पढ़ाई कर चुका बर्कत अली लोगों को ठगने के लिये खुद का परिचय देश के रक्षा संस्थान डीआरडीओ के सीनियर वैज्ञानिक के रूप में कराने लगा।

इसी क्रम में हैदराबाद के पुराने शहर के सबील नामक व्यक्ति किसी काम से जब मुंबई पहुंचा, तो वहां उसकी मुलाकात बर्कत अली से हुई और बाद में यही मुलाकात दोस्ती में बदल गई। इसी क्रम में बर्कत अली का हैदराबाद आना-जाना शुरू हो गया और इस दौरान उसने पुराने शहर के कुछ अन्य लोगों से परिचय बढ़ा लिया। उसने लोगों को बताया कि रिजर्व बैंक द्वारा शोध कार्यों के लिये उसे एक हजार करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं और उससे संबंधित सर्टीफिकेट भी उसके पास है।

ये भी पढ़े:

कांग्रेस नेता ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ टीआरएस कार्यकर्ताओं ने महबूबनगर थाने में की शिकायत

हैदराबाद के पुराने शहर में मेट्रो के लिये करेंगे संघर्ष : लक्ष्मण

परंतु रिजर्व बैंक द्वारा मंजूर राशि उसके खाते में जमा होने के लिये पहले उसे कुछ रुपये खाते में जमा कराने होंगे। उसकी इन्हीं बातों में आकर फलकनुमा रिसाला ग्राउंड्स क्षेत्र निवासी सैयद मोइन अल हसन ने उसे 13 लाख रुपये दिये। उसके बाद उसने चंद्रायणगुट्टा क्षेत्र निवासी आदिल से 25 लाख रुपये यह भरोसा देकर लिया कि दिल्ली में उसकी अच्छी पहुंच है और वह उसके बेटे को भारतीय क्रिकेट टीम में जगह दिलवा देगा।

उसी तरह पुराने शहर के पांच लोगों से उसने कुल 1.20 करोड़ रुपये अपने खाते में जमा कर लिये। रुपये लौटाने के लिये बर्कत अली द्वारा दिये हुए चेक जब एक के बाद एक बाउंस होने और मुंबई जाने पर बर्कत अली के कारनामों का चिट्ठा खुला, तो पीड़ितों ने पुलिस में उसके खिलाफ शिकायत की।

फलकनुमा और चंद्रायणगुट्टा पुलिस की एक टीम मुंबई पहुंची और बर्कत अली को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से एक कार, एक मोबाइल, बैंक के चेक और डेबिट कार्ड बरामद किया। यही नहीं, बर्कत अली ने अपने पास दैविक शक्ति होने के नाम पर पुराने शहर की एक महिला और उसकी बेटी को अपने साथ मुंबई ले जाकर उन्हें एक लाज में रखा था।