हैदराबाद : शेयर मार्केट के नाम पर लोगों से भारी भरकम राशि वसूली कर कई लोगों को चूना लगाने के मामले में मुख्य आरोपी आकुला श्रीधर को सीसीएस पुलिस नें गिरफ्तार कर लिया है। एसवीएससी हेल्थ मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर लोगों से बड़े पैमाने पर वसूली करने के इस मामले में कुल 12 लोगों के हाथ होने की पुष्टि हुई है।

डीसीपी अविनाश मोहंती के अनुसार इस प्रकरण में कुल 27 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है और आरोपियों में अधिकतर आकुला श्रीधर के रिश्तेदार ही हैं।

गौरतलब है कि सिकंदराबाद के वेस्ट मारेडपल्ली निवासी आकुला श्रीधर ने अपनी पत्नी चंदना के साथ मिलकर नागोल में एसवीएससी संस्था स्थापित की और दोनों इसके निदेशक बने। शेयर मार्केटिंग के साथ ट्रेडिंग की अच्छी जानकारी होने से दोनों ने पहले मास्टर ट्रस्ट संस्था से फ्रांचाइजी लेकर लोगों से निवेश एकत्रित किया।

लेकिन इसके कुछ समय बाद उन्होंने फांचाइजी को अपने रिश्तेदार जे. श्रीनिवास के नाम पर हस्तांतरित कर दिया। तत्पश्चात उन्होंने अपने एक रिश्तेदार कोमटीरेड्डी भिक्षम रेड्डी के नाम पर वर्ष 2014 में पीयरलेस सेक्योरिटी लिमिटेड की फ्रांचाइजी ली, जिसके लिये निवेश स्वरूप उन्होंने 80 लोगों से कुल 3.5 करोड़ रुपये जूटाये।

एसवीएससी के जरिए पीयरेस सेक्योरिटी में ट्रेडिंग शुरू कर चुके श्रीधर और चंदना ने वर्ष 2015 में 20 लोगों से करीब एक करोड़ रुपये का निवेश करवाया। उसके बाद उन्होंने के. सविता रेड्डी के नाम पर एमके ग्लोबल फायनांशियल सर्विसेज से फ्रांचाइजी ली और इसके लिये 15 लोगों से करीब 70 लाख रुपये की राशि एकत्रित की।

उन्होंने सभी को अधिक लाभ बांटने का दिलासा देकर कुल 318 लोगों से अपनी फ्रांचाइजियों के माध्यम से निवेश करवाया। इसके जरिए आरोपियों ने कंपनियों से ब्रोकोरेज स्वरूप हर महीने 5 लाख रुपये प्राप्त किये।