मुंबई : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। ताजा खबरों के मुताबिक अब एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली चयन समिति का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में इन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले वनडे और टी-20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए भारतीय टीम का आखिरी बार चयन किया है।

बताया जा रहा है कि बीसीसीआइ की मुंबई के इंडियन क्रिकेट सेंटर में आयोजित 88वीं वार्षिक आम बैठक यानी एजीएम के बाद सौरव गांगुली ने कहा है कि आप अपने कार्यकाल से आगे काम नहीं कर सकते।

पूर्व भारतीय कप्तान और BCCI चीफ सौरव गांगुली ने बीसीसीआई के पुराने संविधान के मुताबिक कहा है कि चयन समिति का कार्यकाल चार साल से ज्यादा समय के नहीं हो सकता। इस लिहाज से राष्ट्रीय चयन समिति का 4 साल का कार्यकाल समाप्त हो गया है।

लेकिन अब नए प्राविधान के मुताबिक संविधान संशोधन के बाद ये टर्म पांच साल का हो जाएगा, लेकिन अभी इससे सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलनी है।

आपको बता दें कि एमएसके प्रसाद और गगन खोड़ा ने साल 2015 में चयन समिति में चुने गए थे। वहीं, जतिन परांजपे, सरनदीप सिंह और देवांग गांधी ने 2016 में चयन समिति में नियुक्ति पाई थी। सौरव गांगुली के मुताबिक इनमें से किसी भी शख्स का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है।

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बीसीसीआई चीफ सौरव गांगुली ने कहा, "कार्यकाल समाप्त हो गया है। आप कार्यकाल से आगे नहीं जा सकते। इन सभी लोगों ने अच्छा काम किया है। हम चयनकर्ताओं के लिए एक फिक्स कार्यकाल बनाएंगे। हर साल सलेक्टर्स का चयन करना सही नहीं है।"

बता दें कि इस चयन समिति के कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम ने कई क्षेत्रों में सफलता हासिल की है, लेकिन कई सारे बड़े टूर्नामेंट गंवाए भी हैं, जिसमें वर्ल्ड कप, आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट शामिल हैं।