हैदराबाद : भारत के महान स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले आज आपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 17 अक्टूबर 1970 को बैंगलोर में कृष्णा स्वामी और सरोजा के घर पर हुआ। इनके पैतृक गांव का नाम कुंबला है, इसलिए इनका सरनेम कुंबले है।

वह क्रिकेट जगत में जंबो नाम से भी प्रसिद्ध हैं। कुंबले भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले सफल गेंदबाज हैं। साथ ही कुंबले ने 1992 में मेकैनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की ।

साल 1989 में कर्नाटक की तरफ से कुंबले ने अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू हैदराबाद के खिलाफ किया, जिसमें उन्होंने चार विकेट लिए। मैच में अच्छा प्रदर्शन का उन्हें इनाम मिला और पाकिस्तान के खिलाफ अंडर-19 टीम में चुन लिया गया। कुंबले ने अपना पहला इंटरनेशनल वनडे मैच साल 1990 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। इसी साल कुंबले ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट मैच भी खेला।

साल 1999 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए दो मैचों की सीरीज के आखिरी और दूसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में अनिल कुंबले ने दस विकेट झटके थे। अनिल कुंबले से पहले साल 1956 में ये कमाल हो चुका था। इंग्लैंड टीम के गेंदबाज जिम लेकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट मैच की एक पारी में दस विकेट झटके थे। हालांकि, अनिल कुंबले ने जिम लेकर से काफी कम ओवरों में ये कमाल किया है।

गेंदबाजी ही नहीं बल्लेबाजी में भी कुंबले ने अपना कमाल दिखाया है। उन्होंने कई मौके पर अपनी बल्लेबाजी से टीम को जीत दिलाया है।

अनिल कुंबले का विवादों से तो कोई नाता नहीं है लेकिन वे अपने बेहतरीन खेल प्रदर्शन के लिए हमेशा जाने जाते हैं। साल 2002 के एंटिगा टेस्ट में अनिल कुंबले ने वो किया जो शायद और कोई नहीं कर पाता। एंटिगा टेस्ट में टीम इंडिया का मुकाबला वेस्टइंडीज से था। इस टेस्ट में खेलते समय अनिल कुंबले के जबड़े में चोट लग गई थी। लेकिन फिर भी वे मुंह पर बैंडेट और पट्टिया लगाकर बॉलिंग करने उतरे। उन्होंने चौदह ओवर डाले जिसमें उन्होंने ब्रायन लारा को एलपीडब्ल्यू आउट कर विकेट लिया। इस घटना के बाद अनिल कुंबले एक रीयल हीरो बनकर देश में आए।

कुंबले ने 132 टेस्ट मैचों में 29.65 की औसत से 619 विकेट लिए। उन्होंने इस दौरान 17.77 की औसत से 2506 रन भी बनाए। उन्होंने अगस्त 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट में रिकॉर्ड शतक (110 रन) जड़ा। उन्होंने अपने 117वें टेस्ट मैच में शतकीय पारी खेलने का कारनामा अंजाम दिया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में तो वे सात शतक लगा चुके थे। पर्थ में जनवरी 2008 में वे टेस्ट क्रिकेट में 600 विकेट पूरे करने वाले दुनिया के तीसरे स्पिनर बने थे। नवंबर 2008 में उन्होंने दिल्ली टेस्ट के बाद क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

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क्रिकेट से संन्यास के बाद वे आईपीएल में दो टीमों के मेंटर रहे और फिर एक साल के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ कोच बने। चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के बाद कप्तान विराट कोहली के साथ विवाद के चलते उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया। कुंबले वर्तमान में आईसीसी की क्रिकेट कमेटी के प्रमुख है और अब आईपीएल 2020 में आईपीएल टीम किंग्स इलेवन पंजाब के चीफ कोच का पद संभालेंगे।