हैदराबाद : टीम इंडिया के बल्‍लेबाज अंबाती रायुडू आज अपना 34वां जन्‍मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 23 सितंबर 1985 को आंध्र प्रदेश के गुंटूर में हुआ था। रायुडू को भारतीय क्रिकेट की युवा सनसनी माना जाता था, जिसमें अगला सचिन तेंदुलकर बनने की काबिलियत दिखती थी। मगर विवादों ने इस स्‍टाइलिश क्रिकेटर का करियर डूबा दिया।

अंबाती रायुडू भारतीय क्रिकेट में बहुत बड़ा नाम है। इस खिलाड़ी की प्रतिभा किसी से छिपी नहीं है। कई दिग्‍गज क्रिकेटर्स इस बल्‍लेबाज का लोहा मान चुके हैं, लेकिन रायुडू अपने व्‍यवहार के कारण बुलंदियों पर नहीं पहुंच सके। वैसे, यह कहना गलत नहीं होगा कि इस क्रिकेटर के साथ काफी नाइंसाफी भी हुई।

अंबाती रायुडू वह खिलाड़ी हैं, जिनकी कप्तानी में सुरेश रैना, इरफान पठान, आरपी सिंह और दिनेश कार्तिक सरीखे खिलाड़ी खेले। भारतीय अंडर-19 की अगुवाई करने वाला यह कप्तान कभी सीनियर टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाया। रायुडू से बहुत पहले ही इन खिलाड़ियों को टीम इंडिया में एंट्री मिल गई।

टीम इंडिया में मिला मौका

जुलाई 2013 में भारतीय टीम जब जिंबाब्वे दौरे पर गई तब रायडू को भारत की 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया। 24 जुलाई को हरारे में रायडू ने अपना डेब्यू मैच खेला। पहले ही मैच में रायडू ने अर्धशतकीय पारी खेली, उस वक्त इस बल्लेबाज की उम्र 27 साल थी और वह भारत की तरफ से सबसे ज्यादा उम्र में डेब्यू मैच में हॉफसेंचुरी लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए थे।

आईपीएल से पटरी पर आया करियर

आईपीएल में मुंबई इंडियंस ने रायुडू को पहचान दिलाई। यहां करिश्‍माई प्रदर्शन करके रायुडू ने फिर राष्‍ट्रीय टीम के दरवाजे खटखटाए। फिर 2014 में दाएं हाथ के बल्‍लेबाज का भारतीय टीम में सिलेक्‍शन हुआ। रायुडू को लगभग हर वनडे मैच में खेलने का मौका मिला। उनका करियर वापस पटरी पर लौट रहा था।

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2015 विश्‍व कप में लगा झटका

अंबाती रायुडू का सिलेक्‍शन 2015 विश्‍व कप के लिए हो गया। महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्‍व में हैदराबाद के कलात्‍मक बल्‍लेबाज ने काफी अच्‍छा प्रदर्शन किया था। ऐसा लग रहा था कि विश्‍व कप में यह बल्‍लेबाज धमाल मचाएगा लेकिन उन्‍हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। रायुडू ने हार नहीं मानी और घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन करना जारी रखा।

2019 विश्‍व कप ने फिर जगाई आस

एशिया कप के बाद से रायुडू को लगातार टीम इंडिया ने खेलने के मौके दिए। विश्‍व कप से पहले न्‍यूजीलैंड दौरे पर रायुडू टीम इंडिया की तरफ से सबसे ज्‍यादा रन बनाने वाले बल्‍लेबाज भी थे। विश्‍व कप 2019 के लिए टीम इंडिया में नंबर-4 के लिए पहली पसंद अंबाती रायुडू ही थे, लेकिन इंग्‍लैंड में हुए प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए उनका चयन नहीं हुआ। इसके पीछे की वजह रही उनका खराब फॉर्म।

हैदराबाद के बल्‍लेबाज की जगह ऑलराउंडर विजय शंकर की लॉटरी लगी। निराश रायुडू ने क्रिकेट से संन्‍यास ले लिया था, लेकिन कुछ समय बाद अपना फैसला बदला और अब वापस घरेलू क्रिकेट में सक्रिय हुए हैं।

रायुडू का क्रिकेट में सफर

रायुडू ने 2015 और 2019 विश्‍व कप की तैयारी के समय 44 वनडे खेले, जिसमें करीब 47 की औसत से रन बनाए। मगर उन्‍हें भाग्‍य का साथ नहीं मिला और बदकिस्‍मत रायुडू विश्‍व कप में एक भी मैच नहीं खेल सके। रायुडू ने अब तक 55 वनडे खेले, जिसमें तीन शतक और 10 अर्धशतकों की मदद से 1694 रन बनाए। इसके अलावा उन्‍होंने 6 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में सिर्फ 42 रन बनाए। रायुडू को कभी टेस्‍ट क्रिकेट में डेब्‍यू का मौका नहीं मिला।

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रणजी ट्रॉफी में शतक और दोहरा सैकड़ा लगाने वाले सबसे युवा बल्‍लेबाज

रायुडू ने 17 साल और 55 दिन की उम्र में दोहरा शतक जमाया था। आंध्र प्रदेश के खिलाफ इसी मैच की दूसरी पारी में हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए रायुडू ने फिर शतक जमाया था। 2002-03 रणजी ट्रॉफी के मैच में हैदराबाद के रायुडू ने क्रमश: 210 और 159* रन की पारी खेली थी। रायुडू अब भी भारतीय घरेलू क्रिकेट में दोहरा शतक जमाने वाले दूसरे सबसे युवा बल्‍लेबाज हैं।

विवाद करने में हमेशा रहे आगे

अंबाती रायुडू का विवादों से गहरा नाता रहा है। आईपीएल में जहीर खान और हरभजन सिंह से उनकी लड़ाई कोई भारतीय फैन भूला नहीं होगा। इसके अलावा वह रास्‍ते में एक उम्रदराज व्‍यक्ति से भी मारपीट कर चुके हैं। इसके अलावा 2005 में एक प्रथम श्रेणी मैच में रायुडू अपनी टीम के साथी अर्जुन यादव से भिड़ चुके हैं और उन्‍हें स्‍टंप मारने के बेहद करीब पहुंच गए थे।

बीसीसीआई भी रायुडू पर अनुशासन कार्रवाई कर चुका है। आईसीएल में खेलकर रायुडू अपनी छवि बर्बाद कर ही चुके थे। यह सब वजहें भी रायुडू को क्रिकेटर स्‍टार बनाने के बजाय पीछे धकेलने में काफी महत्‍वपूर्ण रहीं।