हैदराबाद : टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अब तक सिर्फ दो टेस्ट मैच ही टाई हुए हैं। इनमें से एक टेस्ट मैच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चेन्नई में खेला गया था। आज ही के दिन यानी 22 सितंबर के को आज से 33 साल पहले चेन्नई में खेला गया थो जो टाई हुआ था। यह दिन सिर्फ भारतीय क्रिकेट ही नहीं वरन वर्ल्ड क्रिकेट के लिए खास है।

मैच का इतिहास

सबसे दिलचस्प बात यह है कि अभी तक 2300 से ज्यादा टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं और इनमें से सिर्फ दो मैच टाई हुए और दोनों में ऑस्ट्रेलिया शामिल रहा। ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच ब्रिस्बेन में 9 से 14 दिसंबर 1960 को खेला गया मैच टाई हुआ था, जो टेस्ट क्रिकेट इतिहास का पहला टाई मैच था। इसके बाद मद्रास में 18 से 22 सितंबर 1986 को खेला गया टेस्ट मैच टाई हुआ।

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच रोमांचक मैच

पहली पारी में 177 रनों की बढ़त ले चुके ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी 5 विकेट पर 170 रन बनाकर घोषित करते हुए भारत के सामने अंतिम दिन जीत के लिए 348 रनों का टारगेट रखा। भारत टी के वक्त 2 विकेट पर 190 रन बनाकर जीत की तरफ बढ़ता दिख रहा था। इसके बाद एक समय उसका स्कोर 6 विकेट पर 330 हो चुका था और उसे जीत के लिए 5 ओवर में मात्र 18 रन चाहिए थे। ऐसे में रे ब्राइट ने अगले ओवर में दो विकेट लेकर मैच को रोमांचक बनाया।

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शिवलाल यादव ने ग्रेग मैथ्यूज की गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीत के करीब पहुंचाया लेकिन ब्राइट ने उन्हें भी आउट कर दिया और भारत का स्कोर 9 विकेट पर 344 रन हो गया। अब भारत को जीत के लिए 8 गेंदों में 4 रन चाहिए थे और अंतिम बल्लेबाज के रूप में मनिंदर सिंह क्रीज पर उतरे। उन्होंने उन दो गेंदों पर कोई रन नहीं बनाए। मैथ्यूज अंतिम ओवर डाल रहे थे और 45 रन बना चुके रवि शास्त्री उनके सामने थे। शास्त्री ने ओवर की दूसरी गेंद पर दो रन लिए और तीसरी गेंद पर 1 रन बनाया और स्कोर बराबर हो गया।

शास्त्री ने भारत को हार से तो बचा लिया लेकिन उन्होंने जीत का दायित्व मनिंदर पर छोड़ दिया था। मैथ्यूज ने ओवर की पांचवीं गेंद को मनिंदर को एलबीडब्ल्यू किया और भारत की पारी 86.5 ओवरों में 347 रनों पर समाप्त होने के साथ ही मैच टाई हो गया।

इस मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया के डीन जोन्स ने खराब तबीयत के बावजूद क्रीज पर टिके रहकर दोहरा शतक जड़ा। उन्हें कई बार उल्टी हुई इसके बावजूद वे बल्लेबाजी करते रहे। कपिल ने भी भारत की तरफ से पहली पारी में जुझारू शतक लगाया था।

मैन ऑफ द मैच

इस मैच में कपिल देव और डीन जॉन्स को संयुक्त रूप में मैन ऑफ द मैच बने। पहली पारी में डीन ने 210 रन की बड़ी पारी खेली थी। जबकि कपिल देव ने अपनी पहली पारी में 119 रन बनाए थे। सुनील गावस्कर ने 90 और मोहिंदर अमरनाथ ने 51 रन बनाये। जबकि शास्त्री ने 48 रन बनाये।

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वहीं ऑस्ट्रेलिया के बॉब सिम्पसन दोनों टाई मैच के गवाह बने। इतिहास के पहले टाई टेस्ट मैच में वह बतौर खिलाड़ी मैदान पर मौजूद थे और दूसरे में वह ऑस्ट्रेलिया टीम के कोच थे।