जानें कौन थे गोगुमल किशनचंद जिनकी गेंद पर ब्रैडमैन ने पूरा किया था 100वां शतक

गोगुमल किशनचंद और सर डॉन ब्रै़डमैन - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : कौन बनेगा करोड़पति के 11वें सीजन में सनोज राज भले ही 7 करोड़ रुपये नहीं जीत पाये, लेकिन उनसे पूछा गया आखिरी सवाल ने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान भारत के एक अनजान क्रिकेटर की तरफ आकर्षित कर दिया। जिनकी गेंद पर 1 रन बनाकर सर डॉन ब्रैडमैन ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 100वां शतक पूरा किया था। उस क्रिकेटर का नाम गोगुमल किशनचंद था।

कौन थे गोगुमल किशनचंद :

गोगुमल किशनचंद भारत के टेस्ट क्रिकेटर रहे हैं। उनका जन्म 14 अप्रैल 1925 को कराची में हुआ था। उन्होंने भारत के लिए पांच टेस्ट खेले हैं जिसकी 10 पारियों में उन्होंने 8.9 की औसत से 89 रन बनाए। उनका उच्चतम स्कोर 44 रन है।

उन्होंने अपना पहला टेस्ट साल 1947 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्बेन में खेला था। अपने डेब्यू मैच में उन्होंने 1, 0 रन की पारी खेली थी। उन्होंने अपने करियर का आखिरी टेस्ट साल 1952 में लखनऊ में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था।

गोगुमल किशन चंद के करियर की सबसे रोचक बात यह रही कि 10 में से पांच पारियों में वो अपना खाता भी नहीं खोल सके। पांच टेस्ट मैचों के करियर में उन्होंने कभी गेंदबाजी नहीं की।

सर डॉन ब्रैडमैन

प्रथमश्रेणी मैच में गोगुमल किशन चंद

1940 से 1970 तक तीस साल के क्रिकेट करियर में उन्होंने 127 प्रथमश्रेणी मैच खेले जिसकी 192 पारियों में 47.91 की औसत से 7187 रन बनाए इस दौरान उन्होंने 15 शतक और 40 अर्धशतक जड़े। उनका सर्वाधिक स्कोर 218 रन रहा। वहीं लेगब्रेक गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 31.94 की औसत से 37 विकेट भी लिए। गेंदबाजी में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/67 रहा।

उन्होंने भारत, बड़ौदा, गुजरात, सिंध और वेस्टर्न इंडिया की टीमों की ओर से क्रिकेट खेला। 16 अप्रैल 1997 को गुजरात के बड़ौदा में उन्होंने अंतिम सांस ली। गोगुमल बड़ौदा के महाराज के निजी स्टाफ में काम करते थे।

सर डॉन ब्रैडमैन

भारतीय टीम का आस्ट्रेलिया दौरा

यह बात 1947-48 की है जब भारतीय टीम लाला अमरनाथ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई थी। इस दौरान भारतीय टीम क्षेत्रीय टीमों के साथ अभ्यास मैच खेल रही थी। ऐसे में भारतीय टीम का मुकाबला ऑस्ट्रेलियाई एकादश के साथ हुआ। 15 नवंबर 1947 को सिडनी में खेले गए मैच में ब्रैडमैन ने प्रथमश्रेणी क्रिकेट में शतकों का शतक पूरा किया था। ब्रैडमैन ने मैच में 177 गेंद में 172 रन की पारी खेली थी।

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भारत ने मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। गुल मोहम्मद (85) और गोलुमल किशनचंद(75*) की पारियों की बदौलत भारतीय टीम ने पहली पारी में 326 रन का स्कोर खड़ा किया। इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने ब्रैडमैन की शानदार शतकीय पारी की बदौलत 380 रन का स्कोर खड़ा किया।

सर डॉन ब्रैडमैन

सर डॉन ब्रैडमैन का शतक

मैच के दौरान जब ब्रैडमैन 99 रन बनाकर खेल रहे थे। तब भारत के कप्तान लाला अमरनाथ ने चायकाल से ठीक पहले गेंद अचानक गोगुमल किशनचंद के हाथों में थमा दी। ब्रैडमेन ने उनकी शुरुआती कुछ गेंदों के संभलकर खेला इसके बाद उन्होंने मिडऑन की दिशा में गेंद को खेलकर अपना 100वां शतक पूरा किया।

यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह पहले ऑस्ट्रेलियाई और दुनियाके 14वें बल्लेबाज बने थे। इंग्लैंड के जैक हॉब्स ये उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज थे।

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बाद में ब्रैडमैन ने अमरनाथ की इस चाल को शानदार बताया था क्योंकि ब्रैडमैन ने इससे पहले गोगुमल का कभी सामना नहीं किया था और ना ही उन्हें कभी गेंदबाजी करते देखा था।

गोगुमल ने पूरे मैच में केवल एक ओवर गेंदबाजी की थी और 3 रन दिए थे। लेकिन इस एक रन की वजह से उनका नाम हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज हो गया। अंत में भारतीय टीम ने मैच में 47 रन से जीत हासिल की थी और ब्रैडमैन के शतकों के शतक के जश्न पर पानी फेर दिया था।

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