मुंबई : पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा है कि भारतीय टीम को महेंद्र सिंह धोनी के बगैर खेलने की आदत डालनी होगी क्योंकि दो बार के विश्व कप विजेता कप्तान हमेशा नहीं खेलेंगे।

गांगुली ने कहा, "भारतीय क्रिकेट को इसकी आदत डालनी होगी कि धोनी लंबे समय तक नहीं खेलेंगे। मेरा मानना है कि यह फैसला धोनी को ही लेना है।'' उन्होंने कहा ,‘‘ हर बड़े खिलाड़ी को संन्यास लेना होता है। यही खेल है। फुटबाल में माराडोना को भी संन्यास लेना पड़ा। तेंदुलकर, लारा, ब्रैंडमेन सभी को खेल को अलविदा कहना पड़ा। ऐसा ही होता आया है। यही स्थिति अब एमएस धोनी के सामने आ चुकी है।''

गांगुली ने कहा, 'वह अपने करियर के उस पड़ाव पर खड़े हैं जहां चीजों को आंकना होगा कि वह कहां खड़े हैं। उन्‍हें खुद फैसला करना होगा कि वह भारत के लिए मैच जीत सकते हैं या नहीं। अगर वह खेलना जारी रखते हैं तो फिर धोनी के जैसे योगदान दें, किसी और की तरह नहीं। क्‍योंकि धोनी, विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर ऐसे खिलाड़ी हैं कि जब तक यह खेलें, इनसे मैच जीतने की उम्‍मीदें बंधी रहेंगी। मेरे ख्‍याल से धोनी को अपना फैसला ले लेना चाहिए। सिर्फ एक खिलाड़ी ही जानता है कि उसके टैंक में कितना फ्यूल बाकी है और उसकी मैच विजयी क्षमता कितनी सार्थक बैठती है।'

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आपको बता दें कि अपनी कप्‍तानी के शुरुआती दौर में धोनी ने उम्रदराज खिलाडि़यों को सफलतापूर्वक बाहर का रास्‍ता दिखाया, जिसमें गांगुली का नाम शामिल है। मगर मौजूदा भारतीय कप्‍तान विराट कोहली और कोच रवि शास्‍त्री ने अनुभवी विकेटकीपर बल्‍लेबाज के प्रति खुलकर अपना समर्थन जाहिर किया है।