बुमराह की गेंदबाजी और रहाणे की शतक से भारत की ऐतिहासिक जीत, 318 से हारा वेस्ट इंडीज

जीत के बाद खुशी मनाते हुए टीम इंडिया के खिलाड़ी  - Sakshi Samachar

नार्थ साउंड (एंटीगा) : अजिंक्य रहाणे के शतक के बाद जसप्रीत बुमराह की स्विंग गेंदबाजी का खूबसूरत नमूने की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में वेस्ट इंडीज को 318 रन के विशाल अंतर से हरा दिया। भारत के 419 रनों के विशाल स्कोर का पीछा करते हुए वेस्ट इंडीज 100 रन पर पूरी टीम सिमटी, जिससे भारत ने विदेशी जमीन पर 318 रनों की ऐतिहासिक जीत हासिल की।

भारत ने अपनी दूसरी पारी सात विकेट पर 343 रन बनाकर समाप्त घोषित की थी। भारतीय पारी का आकर्षण अंजिक्य रहाणे (102) और हनुमा विहारी (93) के बीच पांचवें विकेट के लिये 193 रन की साझेदारी रही। रहाणे ने पिछले दो साल में पहला और कुल दसवां शतक बनाया लेकिन विहारी अपने पहले शतक से चूक गये। विहारी के आउट होते ही कोहली ने पारी समाप्त घोषित कर दी।

भारत ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के अपने इस पहले मैच की पहली पारी में 297 रन बनाकर वेस्टइंडीज को 222 रन पर आउट कर दिया था। इसके बाद बुमराह ने सात रन देकर पांच रन और इशांत 3 विकेट और मोहम्मद शमी ने 2 विकेट लिए।

बुमराह ने विकेट लेने की शुरुआत की और फिर इशांत ने उसमें उनका बराबर का साथ दिया। बुमराह ने अपने पहले ओवर में ही क्रेग ब्रेथवेट को विकेट के पीछे कैच कराया और फिर अपने अगले ओवर में दूसरे सलामी बल्लेबाज जान कैंपबेल (सात) का विकेट थर्राया। इशांत ने अगले ओवर की पहली गेंद पर समर्थ ब्रूक्स (दो) को पगबाधा आउट किया।

बुमराह की गेंद पर कोहली ने शिमरोन हेटमेयर (एक) का कैच छोड़ा लेकिन इशांत ने यह गलती भारत पर भारी नहीं पड़ने दी। हेटमेयर ने ड्राइव करने के प्रयास में गली में रहाणे को कैच दिया। बुमराह ने अपने चौथे ओवर में तुरंत डेरेन ब्रावो (दो) का विकेट हवा में लहराया। उन्होंने चाय के विश्राम के बाद शाई होप (02) का आफ स्टंप उखाड़कर वेस्टइंडीज को आगे भी राहत नहीं लेने दी।

नये बल्लेबाज कप्तान जैसन होल्डर भी तुरंत पवेलियन लौट जाते लेकिन इशांत की गेंद पर विहारी उनका कैच नहीं ले पाये। बुमराह को खेलना बेहद मुश्किल था और उन्होंने होल्डर (आठ) को जीवनदान का फायदा नहीं उठाने दिया और जल्द ही उनका भी आफ स्टंप हवा में लहरा दिया। इस तरह से वह चौथी बार पारी में पांच या इससे अधिक विकेट लेने में सफल रहे।

वह आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज में पारी में पांच विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गये हैं। मोहम्मद शमी दूसरे बदलाव के रूप में आये और उन्होंने रोस्टन चेज (आठ) को बोल्ड करके विकेट लेने वालों में खुद का नाम भी लिखवाया। केमर रोच ने जहां 38 रन बनाकर इशांत शर्मा के शिकार बने, वहीं शेनॉन गैब्रियल को शमी ने शून्य पर आउट किया, जबकि मिगेल कुमिन्स नाबाद 19 रन बनाए।

इससे पहले भारत ने सुबह शुरू में ही विराट कोहली का विकेट गंवा दिया था लेकिन इसके बाद रहाणे और विहारी ने शानदार बल्लेबाजी की। रहाणे ने अपनी शतकीय पारी में 242 गेंदें खेली तथा पांच चौके लगाये। उन्होंने शैनोन गैब्रियल की गेंद पर कवर पर जैसन होल्डर को कैच दिया। कोहली ने तब पारी समाप्त घोषित नहीं की, क्योंकि विहारी 80 रन पर खेल रहे थे।

रहाणे की जगह लेने के लिये उतरे ऋषभ पंत (सात) फिर से नाकाम रहे और स्लॉग स्वीप करके डीप स्क्वायर लेग पर कैच दे बैठे। होल्डर के अगले ओवर में विहारी ‘नर्वस नाइंटीज' के शिकार बन गये। गेंद उनके बल्ले का हल्का किनारा लेकर विकेटकीपर शाई होप के दस्तानों में पहुंची। विहारी निराश थे लेकिन उन्होंने एक बेहतरीन पारी खेली। यह उनके करियर का सर्वोच्च स्कोर है जिसके लिये उन्होंने 128 गेंदें खेली तथा दस चौके और एक छक्का लगाया।

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रविंद्र जडेजा एक रन बनाकर नाबाद रहे। भारत ने पहले सत्र में केवल कोहली का विकेट गंवाया और इस बीच 102 रन जोड़े। वेस्टइंडीज की तरफ से आफ स्पिनर रोस्टन चेज ने 132 रन देकर चार विकेट लिये हैं। भारत ने चौथे दिन तीन विकेट पर 185 रन से आगे खेलना शुरू किया। अभी इस स्कोर दो रन जुड़े थे कि दिन के दूसरे ओवर में कोहली पवेलियन लौट गये। होल्डर ने दूसरे छोर से गेंद चेज को सौंपी जिनकी गेंद कोहली के बल्ले का किनारा लेकर शार्ट कवर पर जॉन कैंपबेल के पास गयी।

उन्होंने दूसरे प्रयास में इसे कैच कर दिया। कोहली अपने कल के स्कोर 51 रन में कोई इजाफा नहीं कर पाये। इस तरह से रहाणे और कोहली के बीच चौथे विकेट के लिये 106 रन की साझेदारी का भी अंत हुआ। भारत हालांकि तब तक अच्छी स्थिति में पहुंच चुका था और विहारी ने भी रहाणे को कोहली की कमी नहीं खलने दी।

इन दोनों ने सहजता से रन बटोरे और कैरेबियाई गेंदबाजों को हावी नहीं होने दिया। रहाणे ने अपनी लय बरकरार रखी लेकिन वह विहारी थे जिन्होंने रन प्रवाह तेज किया। विहारी ने होल्डर की गेंद को लांग आफ पर चार रन के लिये भेजकर अपना दूसरा टेस्ट अर्धशतक पूरा किया। इसमें पांच चौके शामिल थे।

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