पोर्ट ऑफ स्पेन: पोर्ट ऑफ स्पेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ आज दूसरा वनडे मैच खेला जाएगा। ऐसे में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली एक और विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं। विराट कोहली वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड अपने नाम करने से महज 19 रन दूर हैं।

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद के नाम ये रिकॉर्ड पिछले 26 सालों से दर्ज है। वहीं विराट कोहली वेस्टइंडीज के खिलाफ 33 पारियों में इस रिकॉर्ड के करीब पहुंच गए हैं। आज यदि कोहली बल्लेबाजी करते हुए 19 रन के आंकड़े को पार कर लेते हैं तो वो मियांदाद के विश्व रिकॉर्ड को 30 पारी के बड़े अंतर को तोड़ देंगे।

जावेद मियांदादमियांदाद ने वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी वनडे पारी 26 साल पहले 1993 में खेली थी। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 64 पारियों में 1930 रन बनाए थे। मियांदाद ने ये रिकॉर्ड कैरेबियाई टीम के खिलाफ तब बनाया था वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की दुनियाभर में तूती बोलती थी।

पाकिस्तान के इस दिग्गज बल्लेबाज ने 1975 से 1993 के बीच वेस्टइंडीज के खिलाफ 64 मैच खेले जिसकी 64 पारियों में 7 बार नाबाद रहते हुए 33.85 की औसत और 63.78 के स्ट्राइक रेट से 1930 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और 12 अर्धशतक निकले। कैरेबियाई टीम के खिलाफ उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 100 रन रहा था।

इसे भी पढ़ें :

क्रिस गेल की अब ये इच्छा रह जायेगी अधूरी, बोर्ड ने दिया झटका

ऋषभ पंत को लेकर ऐसी भविष्यवाणी कर रहे हैं विराट कोहली

विराट कोहली यदि पोर्ट ऑफ स्पेन में बड़ी पारी खेलने में सफल होते हैं तो वो वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय क्रिकेट में 2 हजार रन के आंकड़े को पार करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बन जाएंगे। इस आंकड़े से वो 88 रन दूर हैं।

आपको बता दें कि विराट ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अबतक कुल 34 मैच खेले हैं जिसकी 33 पारियों में उन्होंने 70.81 के शानदार औसत और 96.27 के स्ट्राइक रेट से 1912 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 7 शतक और 10 अर्धशतक भी निकले हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी सबसे बड़ी पारी नाबाद 157* रन की है जो उन्होंने पिछले साल विंडीज टीम के भारत दौरे पर हैदराबाद में खेली थी।

इससे पहले कोहली श्रीलंका के खिलाफ वनडे में 2 हजार रन के आंकड़े को पार कर चुके हैं। श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 46 पारियों में 2220 रन बनाए हैं।

कोहली को विंडीज के खिलाफ खेले गए पहले वनडे में बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला था, क्योंकि बारिश के कारण मैच सिर्फ 13 ओवरों तक ही चला था और इसमें भी मेजबान टीम ने पहले बल्लेबाजी की थी।