जन्मदिन विशेष : इस भारतीय गेंदबाज ने पाक को चटाई थी धूल, ये हैं उनके यादगार मैच 

वेंकटेश प्रसाद - Sakshi Samachar

हैदराबाद : पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद का आज जन्मदिन है। उनका जन्म 5 अगस्त 1969 को कर्नाटक में हुआ था। 90 के दशक में वेंकटेश और जवागल श्रीननाथ की जोड़ी काफी मशहूर थी। वह करीब 6 साल ही क्रिकेट खेल पाए। मगर इतने कम समय में उन्होंने वो कारनामे कर दिखाए जिसके लिए दुनिया आज भी उनका नाम लेती है।

करियर की शुरुआत

वेंकटेश प्रसाद को न्यूजीलैंड के खिलाफ 1994 में वनडे में खेलने का मौका दिया। प्रसाद ने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में डेब्यू 1993 में किया था। 93-94 में प्रसाद ने 13 फर्स्ट क्लास मैच खेले जिसमें 50 विकेट अपने नाम किए।

न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू करने वाले प्रसाद शुरुआती मैचों में कुछ कमाल नहीं कर सके। शुरुआती तीन मैचों में वह बिना विकेट लिए पवेलियन वापस लौटे। प्रसाद ने पहला इंटरनेशनल विकेट श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में लिया। हालांकि वनडे में उन्होंने अपनी पहचान वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाई जब 10 ओवर में 36 रन देकर 3 विकेट हासिल किए।

वेंकटेश का सबसे यादगार पल

वेंकटेश को 1996 वर्ल्डकप में भारतीय टीम में जगह दी गई। इस विश्वकप में वेंकटेश ने न सिर्फ हिस्सा लिया बल्कि उसे यादगार भी बना दिया। 1996 विश्वकप के क्वार्टर फाइनल में भारत का सामना पाकिस्तान से हुआ। ये मैच भारतीय गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद और पाकिस्तान बल्लेबाज आमिर सोहेल के बीच तकरार के लिए याद किया जाता है।

भारत ने इस मैच में पाक के सामने 287 रनों का विशाल लक्ष्य खड़ा किया। खेल के दौरान मैच का 15वां ओवर वेंकटेश प्रसाद फेंक रहे थे। जिसमें ओवर की चौथी गेंद पर सोहेल ने चौका जड़ दिया। चौका लगाने के बाद सोहेल खुश हुए और प्रसाद की ओर इशारा किया कि तुम्हारी जगह बाउंड्री के बाहर ही है। इसके बाद अगली गेंद पर प्रसाद ने सोहेल का स्टंप उखाड़कर उन्हें करारा जवाब दिया। इस रोमांचक मैच में प्रसाद ने तीन विकेट लिए थे और भारत मैच जीत गया था।

बॉलिंग का बेहतरीन नमूना

1996 में साउथ अफ्रका के खिलाफ खेले गए डरबन टेस्ट में प्रसाद ने शानदार बॉलिंग की थी। इस मैच में वेंकेटेश ने 60 रन पर साउथ अफ्रिका के 5 विकेट चटकाए थे और 235 रन पर पूरी टीम को समेट दिया था। मैन्चेस्टर में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए 1999 वर्ल्ड कप में प्रसाद की खतरनाक गेंदबाजी ने सबको स्तब्ध कर के रख दिया था। 27 रन पर उन्होंने पाकिस्तान के 5 विकेट छटक लिए थे।

बॉलिंग में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले प्रसाद का बैटिंग करियर काफी खराब है। क्रिकेट के किसी भी फॉर्म में उनका सर्वोच्च स्कोर 37 रन है। यानी की प्रसाद ने कभी भी क्रिकेट में 50 रन नहीं बनाए।

अर्जुना अवार्ड से नवाजा

2001 में प्रसाद को अर्जुना अवार्ड से सम्मानित किया गया था। कमाल की बात हे कि से अवार्ड उनको उस वक्त मिला जब वो टीम में अपनी जगह दोबारा बनाने की कोशिश कर रहे थे।

बड़े पर्दे पर आए

शानदार बॉलर प्रसाद ने 2014 में बड़े पर्दे पर अपना डेब्यू किया था। उन्होंने कन्नड़ फिल्म सचिन तेंदुलकर आला में जवागल श्रीनाथ के संग अपने अभिनय का हुनर भी दिखाया था।

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