नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अगले मुख्य कोच के चयन के लिए पात्रता मानदंड सुनिश्चित कर दिए हैं। दो साल के न्यूनतम अंतरराष्ट्रीय कोचिंग अनुभव के साथ मुख्य कोच की आयु 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। यह बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण विभाग में मुख्य कोच सहित सभी कोचिंग भूमिकाओं के लिए मापदंड है।

इससे पहले जुलाई 2017 में रवि शास्त्री को मुख्य कोच नियुक्त किया गया था, इस दौरान बीसीसीआई ने पात्रता मानदंड के नौ अंक जारी किए थे जिसमें फोकस और स्पष्टता की कमी थी।

बीसीसीआई ने मंगलवार को राष्ट्रीय टीम के कोचिंग स्टाफ के लिए आवेदान मांगे हैं। टीम के मौजूदा कोच रवि शास्त्री और उनके सहयोगियों को हालांकि आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें इंटव्यू में सीधे प्रवेश मिलेगा।

बीसीसीआई ने भारतीय टीम के मुख्य कोच, गेंदबाजी कोच, बल्लेबाजी कोच, फील्डिंग कोच, फीजियो, स्ट्रैंग्थ एंड कंडीशनिंग कोच और एडमिनिस्ट्रेटिव मैनेजर के लिए आवेदन मांगे हैं।

बीसीसीआई ने एक बयान में कहा, "इच्छुक उम्मीदवार 30 मई शाम पांच बजे तक अपने आवेदन बीसीसीआई को भेज सकते हैं। इन पदों को लेकर बीसीसीआई का फैसला अंतिम फैसला होगा।"

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गौरतलब है कि पिछली बार शास्त्री ने इस पद के लिए अंतिम समय सीमा समाप्त होने के बाद भी आवेदन नहीं किया था ऐसे में बीसीसीआई ने आवेदन की तारीख को बढ़ा दिया था। बाद में शास्त्री ने टीम के मुख्य कोच पद के लिए आवेदन किया था। जिस तरह इस बार शास्त्री को बिना आवेदन किए सीधे प्रवेश की इजाजत है पिछली इसी तरह पूर्व कोच अनिल कुंबले को सीधे प्रवेश मिला था।

बीसीसीआई के एक कार्यकारी ने आईएएनएस से इसकी पुष्टि करते हुए कहा, " हां, पिछली बार हमने कुछ कारणों से कोचिंग पद के लिए अंतिम तारीखों को आगे बढ़ाया था। लेकिन उम्मीद है कि इस बार इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी।"

विश्व कप समाप्त होने के बाद मौजूदा कोचिंग स्टाफ का कार्यकाल समाप्त हो गया था, लेकिन इनके कार्यकाल को 45 दिन का विस्तार दिया गया था। विश्व कप से बाहर होने के बाद टीम के सहायक कोच संजय बांगर पर गाज गिर सकती है।