वेलिंगटन : विश्व कप 2019 नहीं जीत पाने से उनके दिल भले ही टूट गए हों लेकिन न्यूजीलैंड के क्रिकेटप्रेमियों को टीम के प्रदर्शन पर फख्र है हालांकि क्रिकेट के अटपटे नियमों पर उन्होंने नाराजगी भी जताई है ।

न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच लाडर्स पर खेले गए फाइनल में निर्धारित ओवरों और सुपर ओवर के बाद भी टीमें बराबरी पर थी । इसके बाद चौकों छक्कों की संख्या के आधार पर इंग्लैंड को विजेता घोषित किया गया ।

न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैकिंडा अर्डर्न ने प्रशंसकों से सकारात्मक पहलुओं पर जोर देने को कहा । उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा ,‘‘ यह शानदार मैच था । मुझे लगता है कि एक राष्ट्र के रूप में हम सभी उस सुपर ओवर में एक साल और परिपक्व हो गए । ''

उन्होंने लिखा ,‘‘ इंग्लैंड को बधाई । हमें न्यूजीलैंड टीम पर भी गर्व है ।'' खेलमंत्री ग्रांट राबर्टसन ने नियमों की आलोचना करते हुए कहा ,‘‘ समझ नहीं आता कि यह तरीका सही था या नहीं । ''

पूर्व खिलाड़ी स्काट स्टायरिस ने कहा ,‘‘ न्यूजीलैंड को इस टीम पर गर्व है लेकिन यह नियम हास्यास्पद है ।''

पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग ने इस नतीजे को ‘क्रूर' करार दिया ।

न्यूजीलैंड के पूर्व अंतरराष्ट्रीय रग्बी खिलाड़ी गेरार्ड स्टोक्स ने कहा ,‘‘ यह शर्मनाक है । दोनों को संयुक्त विजेता घोषित कर देते ।''

स्टफ डाट काम डाट न्यूजीलैंड ने लिखा ,‘‘ इंग्लैंड विश्व कप फाइनल नहीं जीता और न्यूजीलैंड नहीं हारा । लेकिन एक विजेता तो होना ही था और अजीब तरीके से यह फैसला हुआ ।''

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भारत के गौतम गंभीर समेत पूर्व क्रिकेटरों ने चौके छक्के गिनकर विश्व कप विजेता का निर्धारण करने वाले आईसीसी के ‘हास्यास्पद' नियम की जमकर आलोचना की जिस नियम की वजह से लाडर्स पर फाइनल में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को हराया । इंग्लैंड ने मैच में 22 चौके और दो छक्के लगाये जबकि न्यूजीलैंड ने 16 चौके लगाये ।

गंभीर ने ट्विटर पर लिखा ,‘‘ समझ में नहीं आता कि विश्व कप फाइनल जैसे मैच के विजेता का निर्धारण चौकों छक्कों के आधार पर कैसे हो सकता है । हास्यास्पद नियम । यह टाई होना चाहिये था । मैं न्यूजीलैंड और इंग्लैंड दोनों को बधाई देता हूं ।''

विश्व कप 2011 के प्लेयर आफ द टूर्नामेंट रहे युवराज सिंह ने लिखा ,‘‘ मैं नियम से सहमत नहीं हूं लेकिन नियम तो नियम है ।इंग्लैंड को आखिरकार विश्व कप जीतने पर बधाई । मैं न्यूजीलैंड के लिये दुखी हूं जिसने अंत तक जुझारूपन नहीं छोड़ा । शानदार फाइनल ।''

न्यूजीलैंड के पूर्व हरफनमौला स्काट स्टायिरस ने लिखा ,‘‘ शानदार काम आईसीसी । आप एक लतीफा हो ।''

आस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज डीन जोंस ने लिखा ,‘‘ डकवर्थ लुईस प्रणाली रन और विकेट पर निर्भर है । इसके बावजूद फाइनल में सिर्फ चौकों छक्कों को आधार माना गया । मेरी राय में यह गलत है ।''

न्यूजीलैंड के पूर्व हरफनमौला डियोन नैश ने कहा ,‘‘ मुझे लग रहा है कि हमारे साथ छल हुआ है । यह बकवास है । सिक्के की उछाल की तरह फैसला नहीं हो सकता । नियम हालांकि पहले से बने हुए हैं तो शिकायत का कोई फायदा नहीं ।''