नई दिल्ली : इंग्लैंड ने रविवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर न्यूजीलैंड को सुपर ओवर में हराकर पहली बार वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड के सामने 242 रन का लक्ष्य रखा था, लेकिन इंग्लैंड की टीम निर्धारित 50 ओवर में 241 रन पर ऑलआउट हो गई।

इसके बाद मैच सुपर ओवर में गया, जहां इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड के सामने 15 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में न्यूजीलैंड ने भी 15 रन बना डाले। मैच एक बार फिर टाई हो गया, लेकिन इंग्लैंड को मैच में ज्यादा बाउंड्री के कारण विजेता घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही न्यूजीलैंड का वर्ल्ड कप में खिताब जीतने का सपना टूट गया।

हार के बाद कीवी कप्तान विलियमसन ने कहा, 'निश्चित रूप से कोई एक्स्ट्रा रन नहीं था। ऐसे कई पल आए जिससे ये मैच किसी भी तरफ जा सकता था, लेकिन इंग्लैंड को बधाई। उनके पास एक अविश्वसनीय अभियान था और वे इसके लायक थे। पिचें उससे अलग थीं, जैसा कि उम्मीद की जा रही थी। उम्मीद के मुताबिक कोई 300 प्लस स्कोर नहीं बना। मैं न्यूजीलैंड टीम को धन्यवाद देना चाहूंगा, जिनकी वजह से टीम यहां तक पहुंचा। सभी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।'

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उन्होंने आगे कहा, 'दोनों टीमों ने बहुत दिल दिखाया, आखिरी तक लड़ाई लड़ी। अंतिम गेंद और सुपर ओवर के अंतिम गेंद तक यह मुकाबला गया। वाकई यह बहुत कठिन था। शायद यह जीत हमारे लिए नहीं था। मैच की समीक्षा करना मुश्किल है और वो भी इस तरह के छोटे मार्जिन से।

ओवरथ्रो पर रखी अपनी राय

इंग्लैंड को अंतिम ओवर में 15 रन चाहिए थे और 49.4 ओवर में टीम को ओवरथ्रो के अतिरिक्त चार रन मिले, इस गेंद पर काफी ड्रामा देखने को मिला। मार्टिन गुप्टिल ने जब थ्रो मारी जब गेंद बेन स्टोक्स के बल्ले पर लगने के बाद सीमा रेखा में जा पहुंची। आईसीसी के नियम के मुताबिक यहां पर ओवरथ्रो के रन नहीं मिलने चाहिए थे, लेकिन इंग्लैंड को चार रन का फायदा हुआ।

इस पर केन विलियमसन ने अपने बयान में कहा, 'यह वाकई में शर्म की बात रही, कि गेंद बेन स्टोक्स के बल्ले पर लगने के बाद बाउंड्री लाइन पर गयी। मैं उम्मीद करता हूं कि आगे कभी ऐसा ना हो। मैं उस मुद्दे पर अभी नहीं बोलना चाहता, बस यही कहूंगा कि ऐसा फिर कभी देखने को ना मिले।'