जन्मदिन विशेष : सुनील गावस्कर ऐसे बने दुनिया के सबसे घातक बल्‍लेबाज

सुनील गावस्कर (फाइल फोटो)  - Sakshi Samachar

हैदराबाद : भारत के सबसे महानतम बल्लेबाजों में से एक सुनील गावस्कर को आज पूरी दुनिया लिटिल मास्टर के नाम से पहचानती है। सुनील गावस्कर बुधवार आज अपना 70वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 10 जुलाई 1949 को मुंबई में हुआ था। टेस्ट क्रिकेट मे सबसे पहले 10,000 रन बनाने वाले गावस्कर आज 70 साल की उम्र में भी क्रिकेट के नज़दीक हैं।

गावस्कर का करियर

सुनील गावस्कर ने 125 मैच की 244 पारी में 10122 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 51.1 का रहा और उन्होंन 34 शतक और 45 अर्धशतक लगाए। इसके अलावा उन्होंने 108 वनडे मैच की 102 पारी में 35.1 की औसत से 3092 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 27 अर्धशतक और एक शतक लगाए।

सुनील गावस्कर का शुरूआती करियर

मुंबई में जन्मे और सेंट जेवियर्स हाई स्कूल के छात्र युवा सुनील गावस्कर को उनके स्कूल के लिए खेलते हुए 1966 में भारत का सर्वश्रेष्ठ स्कूलबॉय क्रिकेटर चुना गया। उन्होंने लंदन के स्कूली छात्रों के खिलाफ शतक लगाने से पहले सेकेंडरी एजुकेशन के अपने अंतिम वर्ष में स्कूल क्रिकेट में 246*, 222 और 85 रन बनाए।

उन्होंने 1966/67 में डूंगरपुर के एक इलेवन के खिलाफ वजीर सुल्तान कोल्ट्स इलेवन के लिए प्रथम श्रेणी में पदार्पण किया, लेकिन बंबई के रणजी ट्रॉफी टीम में अगले दो साल तक बिना मैच खेले ही रहे।

जन्म के समय ही हो गया हादसा

गावस्कर ने अपनी आत्मकथा, (Sunny Days) में उन दिनों को याद करते हुए लिखा है, 'मैं शायद कभी एक क्रिकेटर नहीं बन पाता और ये किताब तो कभी आप लोगों के सामने नहीं आ पाती। अगर मेरे एक रिश्तेदार, नारायण मसूरेकर, मेरे जन्म के दिन मेरी ज़िंदगी में न आए होते।' सुनील ने आगे लिखा कि ऐसा लगता है कि नान-काका (जैसा कि मैं उन्हें बुलाया करता था), जो मुझे मेरे जन्म के दिन हॉस्पिटल में देखने आए थे, उन्होंने मेरे बाएं कान के पास एक छेद देखा था।'

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उन्होंने आगे बताया कि कैसे उनके नान-काका ने उन्हें एक मछुवारी के बच्चे से एक्सचेंज होने से बचा लिया। अगले दिन वो फिर से हॉस्पिटल आए और उन्होंने मेरी मां के पालने में रखे बच्चे को गोद में लिया। वो ये देखकर डर गए कि उस बच्चे के कान के पास वो छेद नही थे जो उन्होंने मेरे कान के पास देखा था। उसके बाद हॉस्पिटल के सारे पालनों में मुझे ढूंढा गया और आख़िरकार, मैं एक मछुवारी के पास सोता हुआ पाया गया। इस बात से बिलकुल बेखबर कि मेरे कारण कितना हो हल्ला हो चुका था।'

अनेक रिकॉर्ड किए अपने नाम

टेस्ट क्रिकेट में सबसे पहले 10,000 रन बनाने के अलावा, उनके नाम 2005 तक सबसे ज़्यादा टेस्ट सेंचुरी लगाने का रिकॉर्ड था। उनके नाम डेब्यू सीरीज में सबसे ज़्यादा रन (774) बनाने का रिकॉर्ड है। वेस्ट इंडीज के खिलाफ एक सीरीज में सबसे ज़्यादा रन (774) बनाने का रिकॉर्ड भी सनी के नाम है। ये गावस्कर के कुछ बहुत ही बड़े रिकॉर्ड हैं। इनके अलावा भी गावस्कर के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं।

गावस्कर को सम्मान

गावस्कर को क्रिकेट के कारण कई सम्मानों से नवाज़ा गया। इसमें सबसे बड़ा सम्मान पदमश्री और पदम्भूषण हैं। इनके अलावा बॉर्डर-गावस्कर टूर्नामेंट को उनका नाम दिया गया है। उनके गृहनगर वेंगुर्ला में उनके नाम का स्टेडियम है। 2012 में उन्हें बीसीसीआई की तरफ से कर्नल सी.के.नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाज़ा गया था।

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