बर्मिंघम : विश्व कप 2019 में भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। बावजूद इसके विकेटकीपर और टीम के सबसे सीनियर खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी के प्रदर्शन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि इस वर्ल्ड कप में धोनी का अंतिम मैच उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आखिरी मुकाबला होगा।

भारतीय टीम फाइनल के लिये क्वालीफाई करती है और लार्ड्स पर 14 जुलाई को विश्व कप में जीत हासिल करती है तो भारतीय क्रिकेट के महान क्रिकेटरों में से एक धोनी के लिये यह आदर्श विदाई होगी।

बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, ‘‘महेंद्र सिंह धोनी के बारे में आप कुछ नहीं कह सकते। लेकिन ऐसी संभावना नहीं है कि वह इस विश्व कप के बाद भारत के लिए खेलना जारी रखेंगे। उन्होंने तीनों प्रारूपों से कप्तानी छोड़ने का फैसला भी अचानक ही लिया था तो इस बारे में भविष्यवाणी करना बहुत मुश्किल है।''

मौजूदा चयन समिति के अक्टूबर में होने वाली आम सालाना बैठक तक रहने की संभावना है और वह निश्चित रूप से अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले आईसीसी विश्व टी-20 को देखते हुए बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर देगी। हालांकि भारत के विश्व कप सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने के बाद न तो टीम प्रबंधन और न ही बीसीसीआई इस मुद्दे पर बात करना चाहता है।

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जहां तक रन जुटाने की बात है तो धोनी ने विश्व कप में सात मैचों में 93 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 223 रन बनाए हैं, लेकिन इससे उनकी स्ट्राइक रोटेट करने की अक्षमता नहीं दिखायी देती। हालांकि कुछ ने उनकी बल्लेबाजी में इच्छा की कमी और कुछेक ने एक फिनिशर के रूप में उनकी कम होती काबिलियत की ओर इशारा किया।

सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने भी उनके बल्लेबाजी करने के रवैये की आलोचना की। इससे टीम प्रबंधन अच्छी तरह से जानता है कि वे अपने ‘प्रिय कप्तान' को विश्व कप से आगे नहीं खिला सकते हैं।