नई दिल्ली : भारतीय टीम के ऑल-राउंडर विजय शंकर के विश्व कप टीम से बाहर होने के बाद मंयक अग्रवाल की एंट्री हुई है। श्रीलंका के खिलाफ मयंक वनडे पदार्पण कर पाते हैं या नहीं यह देखना होगा। मयंक अग्रवाल को वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में जगह तो मिल गई है, लेकिन खास बात ये है कि उन्होंने आज तक एक भी इंटरनेशनल वनडे मैच नहीं खेला है।

मयंक अग्रवाल का वनडे क्रिकेट में जीरो अनुभव है। अगर भारत के आगामी मैचों में मयंक अग्रवाल को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है तो भारत के दिग्गज क्रिकेटर रहे अजय जडेजा और नवजोत सिंह सिद्धू की बराबरी कर लेंगे।

भारत के क्रिकेट इतिहास में सिर्फ कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्हें विश्व कप से अपने करियर की शुरुआत करने का मौका मिला है। मयंक अग्रवाल से पहले ऐसा 27 साल पहले देखा गया था, जब अजय जडेजा ने विशव कप से वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया था।

वैसे तो भारत की ओर से 6 खिलाड़ियों ने विशव कप से अपने करियर शुरुआत की है, लेकिन इसमें तीन खिलाड़ियों ने 1975 में पहले वर्ल्ड कप में अपना मैच खेला था। इन तीन खिलाड़ियों में अंशुमान गायकवाड़, मोहिंदर अमरनाथ और करसन घावरी का नाम शामिल है, जिन्होंने 7 जून को अपना पहला मैच खेला था।

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उसके बाद साल 1979 में खेले गए दूसरे विश्व कप में भारत की ओर से सुरिंदर खन्ना ने अपने करियर की शुरुआत की थी। उसके बाद नाम आता है नवजोत सिंह सिद्धू का, जिन्होंने साल 1987 के विश्व कप में अपना पहला मैच खेला था। हालांकि सिद्धू ने पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था और 79 गेंदों में 73 रनों की पारी खेली थी।

इसके बाद 1991-92 के विश्व कप में अजय जडेजा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया था। इस मैच में उन्हें मैदान में उतरने का मौका नहीं मिला, लेकिन इसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में 46 रनों की शानदार पारी खेलकर सभी प्रशंसकों का दिल जीत लिया था।