लंदन। जेसन बेहरनडॉर्फ और मिशेल स्टार्क ने बेहतरीन गेंदबाजी कर मंगलवार को लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए आईसीसी विश्व कप-2019 के रोमांचक मैच में आस्ट्रेलिया को इंग्लैंड के ऊपर 64 रनों से जीत दिलाई।

आस्ट्रेलिया मजबूत शुरुआत के बाद भी 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 285 रनों से आगे नहीं जा पाई थी। इस आसान से लक्ष्य को इंग्लैंड का मजबूत बल्लेबाजी क्रम हासिल नहीं कर सका और 44.4 ओवरों में 221 रनों पर ढेर हो गया।

इसी के साथ मौजूदा विजेता आस्ट्रेलिया इस विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। वहीं इंग्लैंड के लिए अंतिम-4 में पहुंचने का रास्ता मुश्किल हो गया। सेमीफाइनल में जाने के लिए इंग्लैंड को अब अपने बाकी के बचे दोनों मैच जीतने ही होंगे।

बेहरनडॉर्फ ने पांच और स्टार्क ने चार विकेट लिए लेकिन स्टार्क ने तीन बड़े बल्लेबाजों को आउट किया वो भी अहम सयम पर। उन्होंने इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बेन स्टोक्स का विकेट उस समय लिया जब स्टोक्स अकेले मैच का रुख बदलते दिख रहे थे। स्टोक्स ने 115 गेंदों पर 89 रन बनाए। उनकी पारी में आठ चौके और दो छक्के शामिल रहे। स्टोक्स ने जोस बटलर (25) और क्रिस वोक्स (26) के साथ अर्धशतकीय साझेदारियां कर इंग्लैंड की उम्मीदों जिंदा रखा था, लेकिन स्टार्क ने उन्हें धराशायी कर दिया।

इंग्लैंड को हालांकि पहला झटका पहले ही ओवर में बेहरनडॉर्फ ने जेम्स विंसे को आउट कर दिया। यहां इंग्लैंड का खाता भी नहीं खुला था। लेकिन इसके बाद स्टार्क ने अपना कमाल दिखाया और इंग्लैंड के दो बड़े बल्लेबाजों-जोए रूट (8) और कप्तान इयोन मोर्गन (4) को पवेलियन भेज इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट पर 26 रन कर दिया।

दूसरे सलामी बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो (27) की मुसीबत को बेहरनडॉर्फ ने 53 के कुल स्कोर पर पैट कमिंस के हाथों कैच करा मेजबान टीम को चौथा झटका दिया। यहां स्टोक्स ने मोर्चा संभाल लिया और बटलर भी उनके साथ इंग्लैंड की उम्मीदों को जिंदा रखे हुए थे।

यह साझेदारी इंग्लैंड के लिए अच्छा कर रही थी। 28वें ओवर की दूसरी गेंद पर बटलर ने मार्कस स्टोइनिस द्वारा फेंकी गई छोटी गेंद पर डीप स्कावयर लेग पर शॉट खेला जो लगभग छक्के के लिए जा रहा था लेकिन उस्मान ख्वाजा ने उसे लपक लिया और इंग्लैंड पर फिर दबाव बना दिया। बटलर ने स्टोक्स के साथ पांचवें विकेट के लिए 71 रनों की साझेदारी की।

इंग्लैंड की आखिरी उम्मीद स्टोक्स ही थे जो टिके हुए थे। स्टोक्स ने धीरे-धीरे स्कोर कम करना शुरू किया और आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर हावी होने की कोशिश करने लगे।

आस्ट्रेलियाई कप्तान ने मुसीबत को देखा और अपने सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज स्टार्क को बुलाया। स्टार्क की बेहतरीन यॉर्कर का स्टोक्स के पास कोई जवाब नहीं था। स्टार्क ने स्टोक्स की गिल्लियां बिखेर दीं और इंग्लैंड की जीत की उम्मीद भी।

बेहरनडॉर्फ ने मोइन अली (6), वोक्स, जोफ्रा आर्चर (1) के विकेट लेकर अपने पांच विकेट पूरे किए। स्टार्क ने आदिल राशिद (25) को आउट कर इंग्लैंड को समेट दिया।

इससे पहले, आस्ट्रेलियाई कप्तान एरॉन फिंच (100) और डेविड वार्नर (53) ने मौजूदा विजेता को मजबूत शुरुआत दी थी, लेकिन टीम इसका फायदा नहीं उठा पाई और इंग्लैंड के गेंदबाजों ने इसे बड़े स्कोर से महरूम रख दिया।

फिंच और वार्नर ने पहले विकेट के लिए 123 रनों की साझेदारी की थी। अली ने 23वें ओवर की चौथी गेंद पर वार्नर को रूट के हाथों कैच करा इस साझेदारी को तोड़ा। वार्नर ने 61 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए।

फिंच ने फिर ख्वाजा के साथ दूसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े। ख्वाजा हालांकि 23 के निजी स्कोर से आगे नहीं जा पाए और 173 के कुल स्कोर पर स्टोक्स ने उन्हें बोल्ड कर दिया।

फिंच ने 36वें ओवर की दूसरी गेंद पर दो रन लेकर इस विश्व कप में अपना दूसरा शतक पूर किया, लेकिन अगली ही गेंद पर आर्चर ने फिंच को पवेलियन भेज दिया। फिंच की पारी में 116 गेंदें शामिल रहीं। उन्होंने 11 चौकों के अलावा दो छक्के भी मारे।

यहां से आस्ट्रेलिया बड़े स्कोर की पटरी से उतरती चली गई। फिंच का विकेट 183 के कुल स्कोर पर गिरा।

ग्लैन मैक्सवेल 12, स्टोइनिस आठ, स्मिथ 38, 46वें ओवर तक पवेलियन लौट चुके थे और इन सभी के जाने के बाद आस्ट्रेलिया की बड़े स्कोर की उम्मीदें धराशायी हो गई थीं। 46 ओवर के बाद आस्ट्रेलिया का स्कोर छह विकेट के नुकसान पर 253 रन था।

अंत में एलेक्स कैरी ने 27 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से नाबाद 38 रन का पारी खेल टीम को 300 के आंकड़े तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। कैरी के साथ मिशेल स्टार्क चार रनों पर नाबाद लौटे।

टीम :

इंग्लैंड : इयोन मॉर्गन (कप्तान), मोइन अली, जोफ्रा आर्चर, जॉनी बेयरस्टो (विकेटकीपर), जोस बटलर, टॉम कुरैन, लियाम डॉसन, लियाम प्लंकट, आदिल राशिद, जोए रूट, बेन स्टोक्स, जेम्स विंसे, क्रिस वोक्स, मार्क वुड।

आस्ट्रेलिया : एरॉन फिंच (कप्तान), जेसन बेहरनडार्फ, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), नाथन कल्टर नाइल, पैट कमिंस, उस्मान ख्वाजा, नाथन लॉयन, शॉन मार्श, ग्लैन मैक्सवेल, केन रिचर्डसन, स्टीव स्मिथ, मिशेल स्टार्क, मार्कस स्टोइनिस, डेविड वार्नर, एडम जाम्पा।