नई दिल्ली : ऐसे में जबकि बीसीसीआई और सीओए ने दस्ताने पर सेना का बलिदान चिह्न पहनने को लेकर महेंद्र सिंह धौनी का साथ नहीं दिया, बावजूद टीम के साथियों ने उनसे ऑस्ट्रेलिया के साथ होने वाले मुकाबले के दौरान यह चिह्न पहनने की अपील की है।

भारतीय टीम कैम्प की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा कि ऐसे में जबकि सेना का चिह्न पहनने या नहीं पहनने का फैसला अब पूरी तरह धौनी पर आ गया है, साथियों ने कहा है कि अगर वह आईसीसी विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह चिह्न पहनकर मैदान में उतरेंगे तो वे उनका साथ देंगे।

सूत्र ने कहा, "पूर्व कप्तान के सम्मान में यह एकता जाहिर है। खिलाड़ियों के मन में धौनी के प्रति काफी सम्मान है और यही कारण है कि खिलाड़ियों ने साफ कर दिया है कि अगर धौनी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह चिह्न धारण करते हैं तो इसे लेकर वे उनका साथ देंगे। खिलाड़ियों ने तो धौनी से वही दस्ताने उपयोग में लाने की अपील की है, जो वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विश्व कप मैच में पहनकर खेले थे।"

सूत्र ने यह भी कहा कि ऐसे में जबकि आईसीसी ने साफ कर दिया है कि कोई भी व्यक्तिग संदेश या फिर व्यक्तिगत लोगो मैदान ले जाने की अनुमति नहीं होगी, धौनी के मामले में यह दो कारणों से पूरी तरह लागू नहीं होता।

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सूत्र ने कहा, "फील्डिंग के दौरान कोई और सदस्य दस्ताने नहीं पहनता। ऐसे में टीम का हर सदस्य ऐसा नहीं कर रहा है। दूसरा, टीम का कोई और सदस्य सेना में मानद पद धारण नहीं करता और इसी कारण कोई और इस तरह का चिह्न उपयोग में नहीं लाता। आईसीसी को अभी इन बातों का जवाब देना है। भारतीय टीम उसकी सभी दलीलों से संतुष्ट नहीं है।"

मैच से एक दिन पहले टीम के उपकप्तान रोहित शर्मा ने कहा था कि इस मामले में आईसीसी और बीसीसीआई का फाइनल रुख देखने के लिए अभी एक और दिन इंतजार करना होगा। रोहित के मुताबिक धौनी दस्तानों पर सेना का चिह्न पहनेंगे या नहीं, इसे लेकर उन्होंने अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं किया है। ऐसे में यह देखना काफी रोचक होगा कि धौनी का व्यक्तिगत फैसला क्या होता है।

-आईएएनएस