लंदन : भारतीय टीम के उप-कप्तान रोहित शर्मा ने शनिवार को महेंद्र सिंह धोनी के दस्तानों पर अंकित सेना के 'बलिदान चिन्ह' को लेकर उठे विवाद पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया।

रोहित ने साथ ही कहा कि रविवार को भारत और आस्ट्रेलिया के बीच होने वाले मैच में धोनी अपने दस्तानों पर सेना के चिन्ह का इस्तेमाल करते हैं या नहीं इस बात का पता मैच के दिन ही चलेगा।

रोहित ने मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मुझे नहीं पता कि इसे लेकर क्या हो रहा है। मुझे इस पर कुछ नहीं कहना है। शायद आपको कल पता चले।"

आईसीसी विश्व कप-2019 में भारत के दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए मैच में धोनी के दस्तानों पर सेना का चिन्ह बना था, जिसे लेकर आईसीसी ने आपत्ति जताई थी और बीसीसीआई से कहा था कि वह धोनी से अपने दस्तानों पर से यह चिन्ह हटाने को कहे।

बीसीसीआई ने आईसीसी से धोनी को यह चिन्ह बनाए रखने की मंजूरी मांगी थी जिसे आईसीसी ने नकार दिया था। बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी इसी मुद्दे पर आईसीसी से बात करने के लिए लंदन रवाना हो रहे हैं।

रोहित ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 122 रनों की शतकीय पारी खेली थी। उस पारी पर रोहित ने कहा कि यह विशेष पारी थी।

उन्होंने कहा, "मेरी साउथैम्पटन में खेली गई 122 रनों की नाबाद पारी विशेष थी। मेरी सर्वश्रेष्ठ पारी। बल्लेबाजी के लिए वह पिच आसान नहीं थी। मुझे धैर्य के साथ खेलना पड़ा था। मैं जिस तरह की बल्लेबाजी करता हूं वो उस तरह की पारी नहीं थी।"

रिकार्ड तोड़ने के बारे में रोहित ने कहा, "मैं निजी तौर पर किसी पुराने रिकार्ड के बारे में नहीं सोचता हूं। मुझे अपनी टीम के लिए काम करना होता है। यही बात मायने रखती है। सलामी बल्लेबाजी शुरुआत में मेरे लिए आसान नहीं थी, लेकिन वो सफर जारी है। मैं अपने देश के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच जीतना चाहता हूं।"

रोहित ने नंबर-4 के लिए लोकेश राहुल की पारी का समर्थन किया है। राहुल ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नंबर-4 पर आकर अच्छी बल्लेबाजी करते हुए अहम साझेदारी निभाई थी।

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राहुल पर उन्होंने कहा, "राहुल ने पिछले मैच में ज्यादा रन नहीं किए लेकिन वह अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे जिससे मुझे फायदा हुआ। उनके 26 रनों के दम पर मैं बड़ी साझेदारी करने में सफल रहा। मुझे इस टूर्नामेंट में उनसे काफी उम्मीदें हैं।"