लंदन : साल 2000 में मैच फिक्सिंग के आरोप में भारत में वांछित कथित सट्टेबाज संजीव चावला ने यहां वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत से जारी उसके प्रत्यर्पण आदेश को चुनौती देने के लिए ब्रिटेन के एक उच्च न्यायालय में आवेदन दायर कर अपील दायर करने की अनुमति मांगी है। ब्रिटेन के गृहमंत्री साजिद जाविद ने जिला न्यायाधीश के आदेश के अनुरूप गत महीने प्रत्यर्पण के पक्ष में दस्तखत कर दिये थे और 50 वर्षीय चावला को 14 दिन का वक्त दिया कि वह इस आदेश के खिलाफ अपील दायर कर सके। चावला, दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम के साल 2000 में रहे कप्तान हैंसी क्रोनिए की संलिप्तता वाले मैच फिक्सिंग मामले में मुख्य आरोपी है। ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने गुरुवार को इस बात की पुष्टि की है कि उसने 14 दिनों की दी गई समय सीमा के भीतर अर्जी दायर की है।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 27फरवरी, 2019 को गृहमंत्री ने सभी प्रासंगिक तथ्यों को ध्यानपूर्वक देखने के बाद संजीव चावला को भारत प्रत्यर्पित करने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिये।'' प्रवक्ता ने बताया कि चावला ने, जिला न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने के लिए अनुमति चाही है। उन्होंने यह भी कहा कि मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है इसलिए इस पर और टिप्पणी करना समीचीन नहीं होगा।''

गौरतलब है कि भारत में वांछित शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण के इसी तरह के मामले में जाविद ने फरवरी महीने की शुरूआत में हरी झंडी दे दी थी। इसमें अब आगे की प्रक्रिया यह है कि उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश चावला की अपील दायर करने की अनुमति मांगने वाली अर्जी का आकलन करेंगे और अगर वह उसे स्वीकार कर लेते हैं तो इस पर आगे सुनवाई होगी, पर अगर अर्जी खारिज हो जाती है तो, चावला दूसरा अनुरोध दायर कर सकता है।

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मामले में दायर दस्तावेज के अनुसार चावला दिल्ली का एक व्यापारी है जो 1996 में एक व्यापार वीजा पर यहां आया था। जब साल 2000 में उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया तो उसने साल 2005 में ब्रिटेन का पासपोर्ट हासिल कर लिया और वह अब ब्रिटिश नागरिक है। दस्तावेजों के अनुसार चावला की क्रोनिए की जनवरी-फरवरी 2000 में मुलाकात हुई थी।

क्रोनिए की अब मृत्यु हो चुकी है। ऐसा कहा जाता है कि चावला और एक दूसरे व्यक्ति ने क्रोनिए से कहा कि अगर वह क्रिकेट मैच हार जाते हैं तो वह बहुत पैसा कमा सकते हैं। क्रोनिए को दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम के भारत दौरे के समय भुगतान किया गया। यह दौरा फरवरी-मार्च 2000 में हुआ और क्रोनिए, चावला और अन्य लोगों ने भुगतान के बदले क्रिकेट मैच फिक्स किए। क्रोनिए को भुगतान करने सहित इस मामले में चावला की केंद्रीय भूमिका थी।