भारत के लिए करो या मरो का मुकाबला होगा दूसरा वनडे मैच, करना होगा ये बदलाव

भारतीय खिलाड़ी - Sakshi Samachar

एडिलेड : भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की सीरीज का दूसरा मैच मंगलवार को यानी 15 जनवरी को एडिलेड के ओवल मैदान पर खेला जाएगा। भारतीय समयनुसार यह मैच सुबह 8:50 बजे से खेला जायेगा। यहां मेजबान सीरीज में अजेय बढ़त लेने के इरादे से उतरेगा तो वहीं भारत की मंशा बराबरी करने की होगी।

ऑस्ट्रेलिया की पहले मैच में जीत एक तरह से अप्रत्याशित सी थी क्योंकि बीते वर्षों में उसका जो प्रदर्शन रहा है उसके देखकर लग नहीं रहा था कि वह भारत को मात दे पाएगी, लेकिन अपने घर में आस्ट्रेलिया ने जीत के साथ शुरुआत करते हुए बता दिया है कि सीमित ओवरों में वह भारत की नाक में दम करने का माद्दा रखती है।


सीरीज की शुरुआत हार के साथ करने से आहत भारत अब जख्मी शेर की तरह शिकार करने बैठा है और उसमें वह पूरी तरह से सक्षम भी है। भारत ने टी-20 सीरीज में भी पहले मैच में हार के बाद वापसी की थी।

वनडे में एक बार फिर कप्तान कोहली की उसी बात को दोहराना चाहेंगे। टीम की असफलता का कारण उसकी बल्लेबाजी रही थी। रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी को छोड़कर टीम का कोई और बल्लेबाज अपना कमाल नहीं दिखा सका था। धोनी ने हालांकि काफी धीमी पारी खेली जिसके लिए उनकी आलोचना भी हुई थी। टीम का शीर्ष क्रम तो सिर्फ चार रनों पर ही पवेलियन में बैठ गया था जिसमें शिखर धवन, कप्तान कोहली और अंबाती रायडू के नाम शामिल हैं।


इन तीनों पर बीते प्रदर्शन से बाहर निकल अपनी टीम को जीत दिलाने का दबाव होगा। ऐसा हालांकि बेहद कम ही देखने को मिला है कि भारत की शीर्ष क्रम न काम रहा हो। बल्लेबाजी क्रम में बदलाव की उम्मीद की जा सकती है और हो सकता है धोनी एक बार फिर नीचे उतरें।

मध्यक्रम पर भी अच्छी रन गति को बनाए रखने का दवाब होगा जो पहले मैच में नहीं देखने को मिली थी। कोहली टीम में बदलाव कर सकते हैं और दिनेश कार्तिक को बाहर बैठा कर केदार जाधव को मैदान पर भेजा जा सकता है।

वहीं गेंदबाजी में कोहली बिना बदलाव के उतर सकते हैं क्योंकि पहले मैच में टीम के गेंदबाजों ने मेजबान टीम को बड़ा स्कोर नहीं करने दिया था।

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सलामी जोड़ी में अगर बदलाव देखने को मिले तो अचरज की बात नहीं। हार्दिक पांड्या और लोकेश राहुल के प्रतिबंध के बाद चयनकर्ताओं ने हरफनमौला खिलाड़ी विजय शंकर और युवा बल्लेबाज शुभमन गिल को ऑस्ट्रेलिया भेजा है। ऐसी संभावना कम ही है कि इन दोनों से कोई पदार्पण करे।

आस्ट्रेलिया की पहले मैच में जीत की जो वजह थी वो उसकी गेंदबाजी थी। झाए रिचडर्सन और जेसन बेहरनडोर्फ की जुगलबंदी ने भारत के धवन, कोहली और रायडू जैसे बल्लेबाजों से युक्त मजबूत शीर्ष क्रम को बेहद सस्ते में पवेलियन लौटा दिया था।

साथ ही नाथन लॉयन, मार्कस स्टोइनिस ने मध्य के ओवरों में भारत की रनगति को थामे रखा था जिससे आसान सा दिखने वाला लक्ष्य भी अंत तक आते-आते बड़ा लगने लगा था। आठ साल बाद वापसी करने वाले पीटर सिडल ने भी प्रभावी प्रदर्शन किया था।

मेजबान टीम एक बार फिर इन सभी से इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद लगाए बैठी है। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी तो अच्छी रही थी लेकिन उसकी बल्लेबाजी में कहीं न कहीं कमी रही थी और इसी कारण टीम 300 के पार न जाकर 288 तक सीमित रह गई थी।

ऑस्ट्रेलियाई मध्यक्रम ने हालांकि अपनी जिम्मेदारी निभाई थी और उस्मान ख्वाजा, शॉन मार्श, पीटर हैंड्सकॉम्ब ने टीम को खराब शुरुआत से बाहर निकालते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया था।

टीम की बल्लेबाजी में सबसे बड़ी समस्या उसके कप्तान एरॉन फिंच का फॉर्म है। टेस्ट के बाद कप्तान पहले मैच में भी नाकाम रहे थे और छह रन ही बना सके थे।

ऑस्ट्रेलिया जानती है कि 1-0 की बढ़त के साथ इस मैच में आने से उसके पास सीरीज अपने नाम करने का यह शानदार मौका है जिससे वह कुछ हद तक टेस्ट सीरीज हार के दाग को धो अपनी साख बचा सकता है, लेकिन वह इस बात से भी बखूबी परिचित है कि अब उसे जख्मी भारत को मात देने के लिए उसे पहले से ज्यादा मेहनत करनी होगी।

टीम :

भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप-कप्तान), शिखर धवन, अंबाती रायडू, दिनेश कार्तिक, केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), विजय शंकर, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, रवींद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, खलील अहमद, शुभमन गिल और मोहम्मद शमी।

आस्ट्रेलिया : एरॉन फिंच (कप्तान), उस्मान ख्वाजा, शॉन मार्श, पीटर हैंड्सकॉम्ब, ग्लैन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, मिशेल मार्श, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), झाए रिचर्डसन, बिलि स्टानलेक, जेहन बेहेरेनडोर्फ, पीटर सिडल, नाथन लॉयन, एडम जाम्पा, एश्टन टर्नर।

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