टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी रहे राहुल द्रविड़ का जन्म 11 जनवरी 1973 को हुआ है। 
टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी रहे राहुल द्रविड़ का जन्म 11 जनवरी 1973 को हुआ है। 
राहुल द्रविड़ बचपन से ही काफी सीधे थे, जो अब तक बरकरार है।  उन्हें भारतीय टीम में उनकी सादगी के लिए जाना जाता है।
राहुल द्रविड़ बचपन से ही काफी सीधे थे, जो अब तक बरकरार है।  उन्हें भारतीय टीम में उनकी सादगी के लिए जाना जाता है।
द्रविड़ की प्रतिभा बचपन से ही झलकने लगी थी, तभी तो उनके घर वालों को उनके खेलने से कोई दिक्कत नहीं हुई। 
द्रविड़ की प्रतिभा बचपन से ही झलकने लगी थी, तभी तो उनके घर वालों को उनके खेलने से कोई दिक्कत नहीं हुई। 
राहुल द्रविड़ 1996 से साल 2012 तक टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद और नियमित सदस्य रहे। सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ की जोड़ी किसी भी टीम के लिए खतरनाक साबित हो सकती थी।
राहुल द्रविड़ 1996 से साल 2012 तक टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद और नियमित सदस्य रहे। सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ की जोड़ी किसी भी टीम के लिए खतरनाक साबित हो सकती थी।
राहुल द्रविड़ का जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में हुआ था, जो मूलरूप से कर्नाटक में रहने वाले एक मराठा परिवार से थे। उनके छोटे भाई का नाम विजय है। द्रविड़ बेहद साधारण परिवार से आते हैं। 
राहुल द्रविड़ का जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में हुआ था, जो मूलरूप से कर्नाटक में रहने वाले एक मराठा परिवार से थे। उनके छोटे भाई का नाम विजय है। द्रविड़ बेहद साधारण परिवार से आते हैं। 
राहुल ने नागपुर की एक सर्जन डॉक्टर विजेता पेंधारकर से शादी की, 11 अक्टूबर 2005 को उनके बेटे समित का जन्म हुआ।
राहुल ने नागपुर की एक सर्जन डॉक्टर विजेता पेंधारकर से शादी की, 11 अक्टूबर 2005 को उनके बेटे समित का जन्म हुआ।
राहुल द्रविड़  टेस्ट क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी माने जाते थे। उनकी और वीवीएस लक्ष्मण की जोड़ी क्रीज पर बेहद पसंद की जाती थी। 
राहुल द्रविड़  टेस्ट क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी माने जाते थे। उनकी और वीवीएस लक्ष्मण की जोड़ी क्रीज पर बेहद पसंद की जाती थी। 
द्रविड़ ने 11 वर्ष की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया और अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 के स्तर पर उन्होंने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। उनका पहला पूर्ण सत्र 1991-92 में था।
द्रविड़ ने 11 वर्ष की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया और अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 के स्तर पर उन्होंने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। उनका पहला पूर्ण सत्र 1991-92 में था।