नई दिल्ली : अनिल अंबानी की अगुवाई वाले रिलायंस समूह की कंपनी रिलायंस जनरल इंश्योरेंस ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास नए सिरे से आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए दस्तावेज जमा कराए हैं। कंपनी के आईपीओ के लिए नियामक की मंजूरी नवंबर में समाप्त हो गई थी, जिसके बाद कंपनी ने नए सिरे से दस्तावेज जमा कराए हैं। बाजार सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि आईपीओ के तहत 200 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे और रिलायंस कैपिटल 7,94,89,821 शेयरों के लिए बिक्री पेशकश लाएगी।

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सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा कंपनी ने अपने आईपीओ के प्रबंधन की जिम्मेदारी से एडलवेस को हटा दिया है। रिलायंस समूह ने इससे पहले आरोप लगाया था कि एडलवेस समूह की इकाइयों ने गैरकानूनी तथा गलत मंशा से समूह की तीन सूचीबद्ध कंपनियों के गिरवी रखे शेयरों को खुले बाजार के जरिये बेचा।

इसके साथ ही कंपनी ने सीएलएसए इंडिया और इंडसइंड बैंक की नियुक्ति की है जिन्होंने यूबीएस इन्वेस्टमेंट कंपनी तथा आईडीबीआई कैपिटल का स्थान लिया है। साथ ही कंपनी ने यस सिक्योरिटीज को भी जोड़ा है। अन्य मर्चेंट बैंकर..मोतीलाल ओसवाल इन्वेंसटमेंट एडवाइजर्स, क्रेडिट सुइस सिक्योरिटीज और हाइतांग सिक्योरिटीज कंपनी के आईपीओ का प्रबंधन करती रहेंगी। रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के मामले में सेबी की आईपीओ के लिए एक साल की मंजूरी 29 नवंबर, 2018 को समाप्त हो गई थी।