बॉलीवुड में अभिनेता अशोक कुमार एक ऐसा नाम है जो परिचय का मोहताज नहीं है। दादा मुनी के नाम से मशहूर अशोक कुमार की आज पुण्यतिथि है। 10 दिसंबर 2001 को अशोक कुमार का निधन हुआ था। अशोक कुमार को हिन्दी फिल्मों के पहले एक्टर बताया जाता है, जिनकी फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री बहुत दी दिलचस्प रही। मशहूर कॉलमिस्ट जयप्रकाश चौकसे के मुताबिक अशोक कुमार अपनी फिल्मी करियर की शुरूआत निर्माता-निर्देशक हिमांशू राय के साथ टेक्नीशियन के रूप में की।

1936 में जब हिमांशु अपनी हिन्दी फिल्म जीवन नैया बना रहे थे तभी अफवाह उड़ी कि फिल्म के हीरो हुसैन का हिमांशू की पत्नी देविका रानी से संबंध हैं। इस खबर से नाराज हिमांशु ने फिल्म में हुसैन की अशोक कुमार को बतौर हीरो काम करने को कहा। शुरू में अशोक कुमार ने एक्टर बनने से पहले इनकार किया, लेकिन हिमांशु के दबाव के सामने उन्हें अखिरकार एक्टर बनना पड़ा।

1940 के दशक में अशोक कुमार सबसे पॉपुलर एक्टर बनकर उभरे। यहां तक कहा जाता है कि इन दिनों एक बार एक्टर शम्मी कपूर पान मसाले का विज्ञापन करने को सिर्फ इसलिए राजी हो गए थे, क्योंकि उसमें अशोक कुमार भी थे।

निर्देशक सत्यजीत रे और भाई किशोर कुमार के साथ अशोक कुमार 
निर्देशक सत्यजीत रे और भाई किशोर कुमार के साथ अशोक कुमार 

हालांकि शम्मी कपूर के इस फैसले से उनके बड़े भाई राजकपूर नाराज हुए थे। बॉलीवुड में माना जाता है कि अमिताभ बच्चन ही ऐसे अभिनेता है जिन्होंने सबसे ज्यादा विलन की भूमिकाएं निभाई, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि अशोक कुमार भी फिल्मों में नेगेटिव रोल काफी पहले आजमा चुके हैं। अशोक कुमार ने फिल्म किस्मत में नेगेटिव रोल किया था और यह फिल्म पांच साल तक चली थी।

बॉलीवुड में अशोक कुमार का जादू इतना बढ़-चढ़कर बोल रहा था कि राजकपूर की शादी के दौरान उनकी पत्नी ने अशोक कुमार का नाम सुनते ही अपना घूंघट हटा दिया था और पत्नी कृष्णा की इस हरकत से राजकपूर काफी नाराज हुए थे। हालांकि उस वक्त अशोक कुमार उतने फेमस नहीं थे।

अभिनेत्री मधुबाला के साथ अशोक कुमार 
अभिनेत्री मधुबाला के साथ अशोक कुमार 

यही नहीं, बॉलीवुड के मशहूर राइटर व बॉलीवुड के दबंग सलमान खान के पिता सलीम खान को पहला ब्रेक अशोक कुमार ने ही दिया था और सलीम खान अशोक कुमार के करीबी दोस्त थे। अशोक कुमार ने फिल्म जगत को काफी शोहरत दिलाया। यही नहीं, अशोक कुमार ने दूरदर्शन पर प्रसारित अनेक धारावाहिकों में काम किया।

उन्होंने बहादुर शाह जफर, उजाले की ओर, भीम भवानी जैसे धारावाहिकों में भूमिकाएं निभाई। अशोक कुमार ने दो बार बेस्ट एक्टर का फिल्म फेयर अवार्ड जीता। वर्ष 1988 में उन्हें हिन्दी फिल्म जगत का सबसे बड़ा दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया। अशोक कुमार बॉलीवुड पर करीब 6 दशकों तक अपनी शानदार अभिनय की बदौलत राज करते रहे और 10 दिसंबर 2001 को उनका निधन हो गया।