कादर खान का नाम आते ही उनकी कॉमेड़ी याद आ जाती है। पर उन्होंने फिल्मों में सिर्फ कॉमेडी नहीं बल्कि हर तरह के किरदार निभाए। जिनमें खलनायक के साथ ही चरित्र अभिनेता के किरदार भी रहे।

वे जो रोल निभाते, उसमें रम जाते थे। तभी तो दर्शकों को हंसाने के साथ ही रुलाने का काम भी वे भली-भांति कर लिया करते थे। उन्होंने कई फिल्मों में डायलॉग भी लिखे थे और उनके डायलॉग काफी पसंद भी किये जाते थे।

कादर खान का जन्म 22 अक्तूबर 1937 को काबुल में हुआ था। कादर खान की पहली फ़िल्म दाग (1973) थी जिसमें उन्होंने अभियोगपक्ष के वकील की भूमिका निभाई थी।उन्होंने स्नातक की पढ़ाई इस्माइल यूसुफ कॉलेज से पूरी की। उन्होंने एक शिक्षक के रूप में भी कार्य किया।

कमाल के अभिनेता थे कादर खान 
कमाल के अभिनेता थे कादर खान 

कादर खान की मृत्यु कनाडा में 31 दिसम्बर 2018 को शाम करीब 6 बजे हुई। इन्हें कनाडा के मिसीसॉगा शहर के कब्रिस्तान में ही दफनाया गया।

कादर खान के फ़िल्मी जीवन की शुरुआत तब हुई जब एक बार उन्होंने अपने कॉलेज में किसी भूमिका को निभाया तो वहां उपस्थित लोगों ने उनकी काफ़ी प्रशंसा की।

जब अभिनेता दिलीप कुमार को ये पता चला तो उन्होंने खान को बुलाया और उनका अभिनय देखने की इच्छा ज़ाहिर की तो खान ने उनके सामने अभिनय किया। दिलीप कुमार उनसे काफी प्रभावित हुए और उन्होंने खान को सगीना महतो और बैराग फ़िल्मो में काम दे दिया।

दिलीप कुमार के साथ कादर खान 
दिलीप कुमार के साथ कादर खान 

कादर खान ने अपने फ़िल्मी करियर में करीबन 300 फिल्मों में अभिनय किया। इसके अलावा 1000 हिंदी व् उर्दू फिल्मों के वे संवाद लेखक भी रह चुके हैं। उन्होंने हिंदी सिनेमा में सबसे ज्यादा फ़िल्में अभिनेता गोविंदा निर्देशक डेविड धवन के साथ की है।

कादर खान ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि, अगर आज अमिताभ बच्चन हिंदी सिनेमा के शहंशाह हैं तो उनके कारण हैं। उन्होंने उनकी कई सफल फिल्मों के डायलॉग लिखे हैं, जिनमें राजा नटवरलाल, नसीब, अमर अकबर एंथोनी मुख्यतः हैं।

अमिताभ बच्चन, अमजद खान व सारिका के साथ कादर खान 
अमिताभ बच्चन, अमजद खान व सारिका के साथ कादर खान 

आइये कादर खान के जन्मदिन पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ रोचक बातें ....

-कादर खान के पिता अब्दुल रेहमान खान कंधार के थे तो माता इकबाल बेगर पिशिन (अंग्रेजों के समय भारत का हिस्सा) से थीं।

-कादर खान के तीन बेटे हैं। उनका एक बेटा कनाडा में रहता है और ऐसा कहा जाता है कि कादर खान के पास कनाडा की भी नागरिकता थी। कादर खान ने अंतिम सांस भी कनाडा में ही ली थी।

-कादर खान ने 250 से ज्यादा फिल्मों के संवाद लिखे हैं।

सुनील शेट्टी व अक्षय कुमार के साथ कादर खान 
सुनील शेट्टी व अक्षय कुमार के साथ कादर खान 

-फिल्म 'रोटी' के लिए मनमोहन देसाई ने कादर खान को संवाद लिखने के लिए 1,20,000 रुपये जैसी बड़ी रकम अदा की थी।

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-अमिताभ बच्चन के अलावा, कादर खान ऐसे कलाकार थे जिन्होंने प्रकाश मेहरा और मनमोहन देसाई के आपस में प्रतिस्पर्धी कैंपों में काम किया।

-अमिताभ की कई सफल फिल्मों के अलावा, कादर खान ने हिम्मतवाला, कुली नं वन, मैं खिलाडी तू अनाड़ी, खून भरी मांग, कर्मा, सरफरोश और धर्मवीर जैसी सुपर हिट फिल्मों के संवाद लिखे हैं।

-2013 में, कादर खान को उनके फिल्मों में योगदान के लिए साहित्य शिरोमनी अवार्ड से नवाजा गया।

गोविंदा के साथ कादर खान 
गोविंदा के साथ कादर खान 

-कादर खान 1982 और 1993 में बेस्ट डायलॉग के लिए फिल्म फेयर जीत चुके हैं।

-कादर खान को 1991 को बेस्ट कॉमेडियन का और 2004 में बेस्ट सपोर्टिंग रोल का फिल्म फेयर मिल चुका है।

-कादर खान 9 बार बेस्ट कॉमेडियन के तौर पर फिल्म फेयर में नामांकित किए जा चुके हैं।

गोविंदा व शिल्पा शेट्टी के साथ कादर खान 
गोविंदा व शिल्पा शेट्टी के साथ कादर खान 

-कादर खान मानते थे कि अच्छा लेखक बनने के लिए जिंदगी में बहुत दुख से गुजरना जरूरी है।

-कादर खान एक लेखक के तौर पर बहुत ही जल्दी सफल हुए क्योंकि वह बोलचाल की भाषा में संवाद लिखते थे वहीं दूसरी ओर पहले से जमे हुए लेखक कठिन मुहावरों से भरी भाषा लिखने के आदी थे।

-एक दौर ऐसा भी था जब कादर खान कई हीरो से ज्यादा लोकप्रिय थे और दर्शक पोस्टर पर उनका चेहरा देख टिकट खरीदते थे।