ड्रीमगर्ल हेमामालिनी आज अपना 71 वां जन्मदिन मना रही हैं। 16 अक्टूबर, 1948 को चेन्नई के अम्मनकुडी में जन्मीं हेमा ने 1963 में तमिल फिल्म 'इधु साथियम' से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी।

फिल्म में हेमा का रोल स्टेज पर सहेलियों के साथ डांस करने का था। फिल्म जब रिलीज हुई तो हेमा अपने नाना के साथ देखने गईं। लेकिन हेमा उस वक्त हैरान रह गईं, जब उनका पूरा का पूरा रोल ही काट दिया गया। इसके बाद वो खूब रोईं थीं।

ऐसे मिली राजकपूर की फिल्म

हेमा ने 1968 में फिल्म सपनों का सौदागर से बॉलीवुड करियर की शुरुआत की थी। अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म के लिए उन्हें राजकपूर को कॉपी करना पड़ा था और कॉपी करने के बाद ही उनको उनकी पहली हिंदी फिल्म मिली थी।

एक इंटरव्यू में हेमा ने बताया था- ''स्क्रीन टेस्ट देने के लिए मुझे आरके स्टूडियो में बुलाया गया था। मैं वहां पहुंची तो इस फिल्म के डायरेक्टर महेश कौल के साथ खुद राज साहब भी मौजूद थे।

महेश जी के जरिए मैंने राज साहब से अनुरोध किया कि वे मुझे थोड़ा एक्ट करके बता दें कि क्या करना है तो मैं कर लूंगी। मेरी बात से महेश जी जितने हैरान थे, राज साहब ने उतनी ही मासूमियत से कहा था- ''कोई बात नहीं, उसे मालूम नहीं है ना, इसलिए मैं करके बता देता हूं।''

राज कपूर ने तब जिस देश में गंगा बहती है के एक डायलॉग पर एक्टिंग करके दिखाई, जिसे उस फिल्म में पद्मिनी ने बोला था। जाहिर है कि राज ने जिस नज़ाकत से वो डायलॉग बोला था, हेमा ने उसे हू-ब-हू दोहरा दिया।

हेमा के मुताबिक, ''आप कह सकते हैं कि राज साहब की नकल करने में पास होने के बाद ही मुझे सपनों के सौदागर के लिए फाइनल किया गया था।''

राजकपूर के साथ हेमा मालिनी फिल्म सपनों का सौदागर में 
राजकपूर के साथ हेमा मालिनी फिल्म सपनों का सौदागर में 

राजकपूर को कॉपी कर हेमा मालिनी को फिल्म तो मिल गई थी। लेकिन अभी उनकी मुसीबतें खत्म नहीं हुई थीं।

डायरेक्टर महेश के बारे में हेमा ने बताया था- "वो तो मुझ पर लगातार चिल्लाते रहते थे। लेकिन वो बहुत अच्छे इंसान भी थे। मेरी गलतियों पर जब भी वो डांटते, मैं अपनी मां से कहने लगती- मुझे मद्रास वापस जाना है।''

यह बात महेश जी को पता चल गई तो एक दिन मुझे अपने पास बुलाकर उन्होंने कहा, ''आप डांस में कुशल हो, यह बताओ कि किसी को बुलाना हो तो भरतनाट्यम में आप उसे कैसे बुलाएंगे? मैंने हाथ से इशारा किया तो वे चहक पड़े- बस, यही बात आपको मुंह से बोलकर दिखानी है।

बॉलीवुड में एक कामयाब एक्ट्रेस बनने की ख्वाहिशमंद हेमा ने धीरे-धीरे डायलॉग सीख लिया और एक्टिंग में भी कामयाब हो गईं।

हर रोल में रच बस जाती थी हेमा मालिनी 
हर रोल में रच बस जाती थी हेमा मालिनी 

हेमा मालिनी के जीवन की बात की जाए तो उन्होंने हर किरदार को बड़ी खूबी से निभाया है। चाहे वो अभिनेत्री का हो, नृर्तकी का हो या फिर सांसद का।

आज उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनसे जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताएगें जो शायद ही आपने पहले कभी सुनी होगी।

- हेमा मालिनी ने सिर्फ 10वीं तक ही शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने शुरुआती शिक्षा चेन्नई में पूरी की थी। पढ़ाई के दौरान इतिहास हेमा मालिनी का पसंदीदा विषय था।लेकिन 10 वीं तक पढ़ने की वजह कोई परिवार से संबंधित या पैसों से संबंधित नहीं थी। बल्कि वह इतनी खूबसूरत थी कि उन्हें बचपन में ही फिल्मों के लिए प्रस्ताव मिलना शुरु हो गया था।

-हेमा मालिनी ने सपनों का सौदागर से पहले एक तेलुगु फिल्म में नर्तकी का रोल भी निभाया था। हेमा मालिनी 1961 में फिल्म पांडव वनवासन में काम किया था।

- हेमा मालिनी के प्रेम में आम लोगों के अलावा पूरा फिल्मजगत भी पागल था। जीतेंद्र और संजीव कुमार उन्हें बेहद प्यार करते थे। संजीव कुमार ने हेमा से शादी करने के लिए बहुत से प्रयास किए थे। लेकिन इस समय हेमा का मन शादीशुदा धर्मेंद्र पर आ गया था।

धर्मेंद्र के साथ हेमा मालिनी 
धर्मेंद्र के साथ हेमा मालिनी 

हेमा और धर्मेंद्र का रिश्ता उनके दोनों परिवारों को स्वीकार नहीं था। वहीं धर्मेंद्र ने यह शर्त रखी थी कि वो शादी के बाद अपनी पहली पत्नी, बच्चों और परिवार को नहीं छोड़ेंगे।

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धर्मेंद्र के प्यार में पूरी तरह डूब चुकी हेमा ने उनकी ये शर्त मान ली। फिर भी हिंदू होने के चलते धर्मेंद्र हेमा से शादी नहीं कर सकते थे। इसलिए उन्होंने मुस्लिम धर्म कबूल कर लिया था। धर्मेंद्र की दूसरी शादी दिलावर खान के नाम से हुई थी।

- हेमा मालिनी के अगर हुनर की बात की जाए तो वह बतौर निर्देशक भी काफी चली थीं। हेमा मालिनी ने फिल्म 'दिल आशना है' का निर्देशन किया था। इस फिल्म में शाहरुख खान को मौका दिया था।

खूबसूरत अदाकार हेमा मालिनी 
खूबसूरत अदाकार हेमा मालिनी 

- चौदह साल की उम्र से हेमा मालिनी की खूबसूरती सभी के दिल में उतर गई थी। उनके घर के दरवाजे पर फिल्म निर्माता दस्तक देने लगे थे।

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निर्माता-निर्देशक श्रीधर ने एक फोटो सेशन रखा था जिसमें उन्होंने हेमा मालिनी को साड़ी पहनाई थी। साड़ी इसलिए ताकि वे अपनी उम्र से बड़ी दिखाई दे सकें।

हेमा मालिनी ने नृत्य और अभिनय दोनों में ही अपना हुनर साबित किया है। इसके बाद वह राजनीति में आ गईं। उन्होंने 2004 में राजनीति में कदम रखा था।