मुंबई। बॉलीवुड फिल्म इंडिस्ट्री के हिस्ट्री में ऐसी तमाम फिल्में हैं जो किसी ना किसी वजह से रिलीज नहीं हो पाई है। या यह कहें कि पर्दे तक पहुंचने में नाकामयाब रही है। आज हम आपको यहां बताने जा रहे है ऐसी ही पांच फिल्मों के बारे में जो कभी सिनेमा घरों तक पहुच ही नहीं पाई है।

वकील बाबू’
वकील बाबू’

‘वकील बाबू’ अभि‍नेता के तौर पर राज कपूर की आखिरी फिल्म मानी जाती है, लेकिन बतौर एक्टर यह उनकी अंतिम फिल्म नहीं थी। डायरेक्टर संजय खन्ना की फिल्म ‘चोर मंडली’ उनकी आखिरी फिल्म थी, लेकिन दुर्भाग्य से यह फिल्म आज तक रिलीज नहीं हो पाई।

खबरदार
खबरदार

डायरेक्टर टी रामाराव की यह फिल्म अगर रिलीज होती, तो दर्शक शायद इसे कभी नहीं भूलते। क्योंकि फिल्म में पहली बार अमिताभ बच्चन और कमल हासन एकसाथ नजर आने वाले थे। लेकिन फिल्म सिनेमाघरों के पर्दे तक पहुंच नहीं पाई।

टाइम मशीन फिल्म का निर्देशन शेखर कपूर कर रहे थे लेकिन किन्ही वजहो से यह फिल्म छोड़ दी।
टाइम मशीन फिल्म का निर्देशन शेखर कपूर कर रहे थे लेकिन किन्ही वजहो से यह फिल्म छोड़ दी।

इस फिल्म का निर्देशन शेखर कपूर करने वाले थे लेकिन इससे पहले यह फिल्म पूरी हो पाती उससे पहले शेखर कपूर ने किन्हीं कारणों से फिल्म छोड़ दी। फिल्म में आमिर खान, नसीरुद्दीन शाह, रवीना टंडन और रेखा मुख्य भूमिका में थे।

किस्सा कुर्सी का।
किस्सा कुर्सी का।

किस्सा कुर्सी का यह फिल्म आपातकाल पर बेस्ड थी। जिसमें शबाना आजमी मेन रोल में थी। बताया जाता है कि सरकार ने इसके प्रिंट जलवा दिए थे, ताकि फिल्म के जरिए राजनीति का काला चेहरा दर्शक न देख पाएं। इस फिल्म को बैन कर दिया गया था।

इसमें सलमान खान और संजय दत्त मेन रोल में थे। वहीं एक्ट्रेस रवीना टंडन ने इस फिल्म नेगेटिव रोल में थी। फिल्म को मुकुल आनंद ने डायरेक्ट किया था। फिल्म पूरी बन पाती इससे पहले साल 1997 में निर्देशक की मृत्यु हो गई। हालांकि साल 2005 में इसी’ दस’ नाम से दूसरी फिल्म बनी लेकिन उस फिल्म को अनुभव सिन्हा ने डायरेक्ट किया था।