90 के दशक में ये धक-धक गर्ल नाम से मशहूर माधुरी दीक्षित का बुधवार को 51वां बर्थडे है। माधुरी की खूबसूरती का जलवा आज भी बरकरार है। माधुरी दीक्षित हिंदी सिनेमा की एक ऐसी अदारकारा हैं जो अपने दिलकश अंदाज से करोडों दर्शकों के दिलों पर तीन दशकों से राज कर रही हैं। 15 मई को 52 साल की होने जा रहीं माधुरी पद्मश्री भी हैं।

माधुरी का जन्म 15 मई 1967 को मुंबई में एक मध्यम वर्गीय मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ। उन्होंने अपनी शुरूआती पढ़ाई मुंबई से हासिल की। इसके बाद उन्होनें मुंबई यूनिवर्सिटी में माइक्रोबॉयलॉजी में डिग्री ली। इसी बीच माधुरी ने कत्थक की शिक्षा हासिल की।

माधुरी दीक्षित ने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। एक बेहतरीन कलाकार से बढ़कर वह बेहतरीन इंसान हैं। एक समय ऐसा भी था जब उन्हें एक फिल्म में काम करने के लिए एक महिला कलाकार के तौर पर सबसे ज्यादा पैसे मिलते थे।

अभिनेत्री माधुरी दीक्षित 
अभिनेत्री माधुरी दीक्षित 


बॉलीवुड में उस वक्त केवल माधुरी दीक्षित ही ऐसी अदाकारा थीं जिन्हें पंडित बिरजू महाराज ने कोरियोग्राफ किया था। संजय लीला भंसाली की फिल्म 'देवदास' का गाना 'काहे छेड़ मोहे...' को बिरजू महाराज ने कोरियोग्राफ किया था। इस गाने के लिए माधुरी दीक्षित ने जो भारी भरकम लंहगा पहना था उसकी कीमत 15 से 20 लाख के बीच थी।

माधुरी के करियर की शुरूआत

माधुरी ने हिंदी सिनेमा में करियर की शुरूआत 1984 में राजश्री प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म 'अबोध' से की। लोकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई मगर माधुरी फिल्म इंडस्ट्री में अपना मकाम हासिल करने के लिए संघर्ष करती रहीं।

1988 में आई फिल्म 'तेजाब' से माधुरी का सितरा चमका। इस फिल्म से माधुरी रूपहले पर्दे लेकर लोगों के दिलों पर छा गईं।

फिल्म 'दयावान' में अपने से 21 साल बड़ी उम्र के एक्टर विनोद खन्ना के साथ दिए गए उनके किस सीन ने उस वक्त तहलका मचा दिया था। बता दें कि इस सीन की खूब आलोचना हुई थी। एक इंटरव्यू में खुद माधुरी ने कहा था कि उन्हें इस सीन को नहीं करना चाहिए था।

माधुरी की ब्लाकबस्टर फिल्में

तेजाब (1988)

किरदार: मोहिनी

माधुरी दीक्षित को जिस एक फिल्म ने रातोंरात नंबर वन की कुर्सी पर लाकर बिठा दिया वह फिल्म रही निर्देशक एन चंद्रा की 'तेजाब'। अनिल कपूर के साथ इस फिल्म में माधुरी की जोड़ी बनी। फिल्म में उनका नाम है मोहिनी। जो एक तड़ीपार मुन्ना से प्रेम करती है। फिल्म में किरण खेर और सुरेश ओबेरॉय के भी दमदार किरदार रहे। 'तेजाब' का म्यूजिक सुपर हिट रहा और माधुरी पर फिल्माए गए गाने, एक दो तीन, ने कामयाबी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। रिकॉर्ड इस फिल्म ने और भी तोड़े। फिल्मफेयर पुरस्कारों में इसे 12 कैटेगरीज में नॉमीनेशन मिला। अनिल कपूर ने बेस्ट एक्टर का पुरस्कार पाया और पहली बार माधुरी दीक्षित को बेस्ट एक्ट्रेस का नॉमीनेशन इसी फिल्म में मिला। फिल्म तेजाब सिनेमाघरों में 50 हफ्तों से भी ज्यादा समय तक चली।

प्रतिज्ञा (1989)

किरदार- लक्ष्मी

बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रही इस फिल्म में माधुरी ने मिथुन चक्रवर्ती के साथ एक ऐसा रोल किया जो उनकी ग्लैमर इमेज से बिल्कुल अलग रहा है। फिल्म के निर्देशक थे साउथ के मशहूर निर्देशक बापू। बापू ने ही मिथुन को फिल्म हम पांच में बड़ा मौका दिया था। माधुरी ने इस फिल्म के लिए फिल्मफेयर का बेस्ट एक्टर फीमेल पुरस्कार जीता और हिंदी सिनेमा में श्रीदेवी की नंबर वन की कुर्सी भी हथिया ली।

दिल (1990)

किरदार- मधु मेहरा

माधुरी दीक्षित ने कभी नए या पुराने निर्देशकों में भेद नहीं किया। पिछले साल माधुरी को लेकर 'टोटल धमाल' बनाने वाले निर्देशक इंद्र कुमार की पहली फिल्म 'दिल' में माधुरी ने आमिर खान के साथ काम किया। माधुरी की अब तक की इमेज से अलग ये एक टिपिकल रोमांटिक फिल्म थी। साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शुमार रही 'दिल' का म्यूजिक आज भी पसंद किया जाता है। इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए माधुरी को एक बार फिर फिल्मफेयर का बेस्ट एक्टर- फीमेल बेस्ट खिताब मिला।

अभिनेत्री माधुरी दीक्षित 
अभिनेत्री माधुरी दीक्षित 

साजन (1991)

किरदार- पूजा

सिनेमैटोग्राफर से डायरेक्टर बने लॉरेंस डिसूजा की फिल्म 'साजन' भी माधुरी के शानदार अभिनय का एक नायाब नमूना है। इस फ़िल्म में माधुरी के साथ थे सलमान खान और संजय दत्त। संजय दत्त को इस फिल्म में अपाहिज के रोल में लेने के बाद ट्रेड ने फिल्म को रिलीज से पहले ही नकार दिया था। लेकिन, माधुरी ने इस किरदार को उभारने में जिस तरह की मदद की, उसने फिल्म को साल की सुपरहिट फिल्म बना दिया। इसी फिल्म से संजय और माधुरी की दोस्ती भी शुरू हुई। माधुरी को इस फिल्म के लिए फिल्फेयर बेस्ट एक्टर-फीमेल का नॉमीनेशन मिला।

बेटा (1992)

किरदार- सरस्वती

माधुरी एक बार फिर अनिल कपूर और निर्देशक इंद्र कुमार के साथ आईं फिल्म 'बेटा' में। इस फिल्म में माधुरी ने एक आदर्श बहू और एक चतुर पत्नी का शानदार किरदार निभाया। अरुणा ईरानी और माधुरी के बीच पर्दे पर सास बहू की नोंक झोंक को लोगों ने खूब पसंद किया। यह फिल्म पांच फिल्मफेयर अवार्ड जीतने के साथ ही साल 1992 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बानी। इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए माधुरी को फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर – फीमेल का अवार्ड दिया गया।

खलनायक (1993)

किरदार- गंगोत्री

निर्देशक सुभाष घई, जैकी श्रॉफ और संजय दत्त के साथ माधुरी को एक बार फिर काम करने का मौका मिला फिल्म खलनायक में। एक बार फिर इनकी जोड़ी सुपरहिट साबित हुई और खलनायक साल 1992 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म रही। इसके साथ ही खलनायक 90 के दशक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली चौथी फिल्म बनी। इस फिल्म के लिए भी माधुरी दीक्षित को बेस्ट फिल्मफेयर एक्ट्रेस के पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया।

हम आपके हैं कौन (1994)

किरदार - निशा चौधरी

सूरज बड़जात्या के निर्देशन में बनी फिल्म 'हम आपके हैं कौन' में निशा चौधरी के किरदार को कौन भूल सकता है। सलमान खान माधुरी दीक्षित और सूरज बड़जात्या की तिकड़ी कमाल कर गई। यह फिल्म तब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी। इस फिल्म ने उस साल पांच फिल्मफेयर अवार्ड जीते। इस बार भी माधुरी को फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर - फीमेल के अवार्ड से नवाजा गया।

मृत्युदंड (1997)

किरदार- केतकी

शबाना आजमी, माधुरी दीक्षित और ओम पुरी जैसे बेहतरीन अदाकारों से सजी और प्रकाश झा के निर्देशन में बनी फिल्म 'मृत्युदंड' में माधुरी के शानदार अभिनय का जलवा देखने को मिला। महिला प्रधान मुद्दों पर बनी यह फिल्म बॉक्स आफिस पर सफल रही और इस फिल्म में केतकी का किरदार निभाने वाली माधुरी को बेस्ट एक्टर-फीमेल का स्क्रीन अवार्ड दिया गया।

दिल तो पागल है (1997)

किरदार- पूजा

यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी 'दिल तो पागल है' में माधुरी एक बार फिर शाहरुख खान के साथ नजर आई। माधुरी के साथ साथ इस फिल्म में करिश्मा कपूर भी थी। इस फिल्म ने कुल मिलाकर आठ फिल्मफेयर अवार्ड जीते। शानदार अभिनय के लिए माधुरी को इस बार भी फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर-फीमेल अवार्ड मिला। शाहरुख खान के साथ माधुरी की यह तीसरी फिल्म थी।

देवदास (2002)

किरदार- चंद्रमुखी

शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास देवदास पर आधारित और संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित इस सुपरहिट फिल्म में एक बार फिर माधुरी और शाहरुख खान साथ नजर आए। इस ब्लॉकबस्टर फिल्म में माधुरी के साथ साथ ऐश्वर्या राय भी थी। इस फिल्म में तवायफ चंद्रमुखी की भूमिका निभा रही माधुरी ने शानदार अभिनय किया। 'देवदास' को कान फिल्म फेस्टिवल में भी प्रदर्शित किया गया और 2003 में इस फिल्म को ऑस्कर के सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा कैटेगरी के लिए भी भारत से नामित किया गया। देवदास को पांच राष्ट्रीय पुरस्कारों सहित 11 फिल्मफेयर पुरस्कार मिले।

दुनिया के मशहूर पेंटर एमएफ हुसैन माधुरी दीक्षित के बड़े फैन थे। उन्होंने माधुरी की फिल्म 'हम आपके है कौन' करीब 67 बार देखी थी। जब माधुरी ने 'आजा नचले' के साथ अपना कमबैक किया तो हुसैन ने पूरा थियेटर बुक कर लिया था। हाल ही में माधुरी अनिल कपूर के साथ 'टोटल धमाल' में और संजय दत्त के साथ 'कलंक' में नजर आई थीं।

माधुरी के कुछ मशहूर डायलॉग

"हम साथ साथ नहीं हैं तो क्या हुआ .. साथ मर सकते हैं" - दिल (1990)

“वाह क्या सास हो तुम… . बहू के हाथों से मेंहदी छूटी नहीं और तुमने अपना रंग दिखाना शरू कर दिया।” - बेटा (1992)

"तेरी मौत ही मेरे ज़ख्मों का इलाज़ है।" - अंजाम (1994)

"क्यूं ... हम आपके हैं कौन?" - हम आपके हैं कौन ..! (1994)

"तवायफों की कोई तकदीर नहीं होती।" - देवदास (2002)

“प्यार का कारोबार तो बहुत बार किया है, मगर प्यार सिर्फ एक बार” - देवदास (2002)

माधुरी के सीन की आलोचना

1988 में आई फिल्म 'दयावान' में अपने से 21 साल बड़ी उम्र के एक्टर विनोद खन्ना के साथ दिए गए उनके किस सीन ने उस वक्त तहलका मचा दिया था। बता दें कि इस सीन की खूब आलोचना हुई थी। एक इंटरव्यू में खुद माधुरी ने कहा था कि उन्हें इस सीन को नहीं करना चाहिए था।

माधुरी के अफेयर की चर्चा

माधुरी का नाम अनिल कपूर से लेकर संजय दत्त तक के साथ जुड़ा। अनिल के साथ राम लखन के दौरान तो संजय के साथ साजन फिल्म के समय माधुरी की नजदीकियां बढ़ीं। 90 के दशक में एक्टर संजय दत्त और माधुरी के प्यार के किस्से काफी चर्चा में थे लेकिन फिर 1993 में हुए बम ब्लास्ट केस में संजय दत्त का नाम आया था। इसके बाद माधुरी ने संजय से दूरी बना ली।

माधुरी के बारे में दिलचस्प बातें

माधुरी दीक्षित के दीवानें सिर्फ इंडिया ही नहीं पाकिस्तान में भी हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो जब बॉर्डर पर जंग छिड़ी थी तो पाकिस्तानियों ने कहा था, कि हम कश्मीर छोड़ देंगे अगर तुम हमें माधुरी दीक्षित दे दो।

फिल्म 'बेटा' की पहली पसंद श्री देवी थी लेकिन किन्ही कारणों से 'सरस्वती' का रोल माधुरी दीक्षित के हाथ आया और रातों रात माधुरी दीक्षित, माधुरी से 'धक-धक गर्ल' बन गईं। इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए माधुरी को फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर – फीमेल का अवार्ड दिया गया। यह फिल्म पांच फिल्मफेयर अवार्ड जीतने के साथ ही साल 1992 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी।

तेजाब, राम लखन, परिंदा, साजन, खलनायक, दिल, बेटा, हम आपके हैं कौन, दिल तो पागल है, लज्जा, पुकार, देवदास जैसी फिल्मों में माधुरी की अदाकारी ने सबका दिल जीत लिया। आमिर के साथ दिल, सलमान के साथ 'हम आपके हैं कौन', तो शाह रुख़ के साथ 'दिल तो पागल है' जैसी कामयाब फिल्में दे चुकीं माधुरी ने अपने समय के तमाम बड़े एक्टर्स के साथ काम किया है।

मधुबाला की तुलना कई बार माधुरी दीक्षित से होती रही है। उसका पहला बड़ा कारण है मोहक मुस्कान की मल्लिका मधुबाला की मिलियन डॉलर्स स्माइल। कुछ-कुछ ऐसी मुस्कराहट माधुरी दीक्षित में भी देखने को मिलती है। उनकी खिलखिलाहट गजब की है। माधुरी दीक्षित भी अपनी तुलना मधुबाला से होने पर खुद को धन्य मानती हैं।