मुंबईः बॉलीवुड के मशहूर एक्टर कादर खान के निधन से पूरी की पूरी फिल्म इंडस्ट्री शोक में है। कादर खाने ने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और 200 से अधिक फिल्मों के लिए डायलॉग लिखे थे। कादर खान लंबे समय से बीमार चल रहे थे।

और अंत में उन्होंने कनाडा के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। कादर खान को कनाडा में अंतिम विदाई दी गई। कादर खान की अंतिम विदाई के समय उनके बेटे सरफराज काफी भावुक दिखे।

कादर खान के बड़े बेटे सरफराज ने अपने पिता की मृत्यु के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, मेरे पिता ने जो इज्जत कमाई अगर हम उसे बढ़ा ना सके तो कम भी नहीं करने की पूरी कोशिश करेंगे। सरफराज ने कहा कि मेर पिता के पास बहुत दौलत थी लेकिन जो लोग उन्हें करीब से जानते हैं उन्हें पता है कि वह एक फकीर की तरह जिंदगी जीते थे।

सरफराज ने कहा, मेरे पिता आज भी 100 रुपये में तीन वक्त का खाना खा सकते थे। जिसके बारे में हम लोग सोच भी नहीं सकते। सरफराज ने बताया कि कादर खान उनके ना केवल पिता थे बल्कि उनके उस्ताद भी थे। वह हमेशा से ही लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे। सरफराज ने कहा कि मेरे पिता हमेशा हमें सिखाते थे कि हमें हमेशा से ही दो लोगों के बीच एक ब्रिज की तरह से काम करना है।

मीडिया से बात करते हुए सरफराज भावुक हो गए और अपने पिता के बारे में बताया कि वह कभी भी किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते थे। आज वह चले गए हैं हमारे बीच केवल उनकी यादें ही रह गई है। कादर खान के अंतिम समय को याद करते हुए सरफराज की आंखे भर आई और उन्होंने बताया कि किस तरह वह बिस्तर पर पड़े-पड़े उनके गाल को छूते थे।

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सरफराज ने कहा कि उनके अंतिम समय में मैं उनका गाल चूमता था। सरफराज ने बताया कि कादर खान के अंतिम समय में मैंने उन्हें अपने गाल पर चूमने के लिए कहा, लेकिन जैसे ही वह मेरे गाल को चूमने के लिए मेरे नजदीक आए..यह बताते ही सरफराज फूट-फूटकर रोने लगे।

सरफराज ने बताया कि उनके पिता के निधन से पूरी की पूरी फिल्म इंडस्ट्री शोकग्रस्त है। उन्होंने बताया कि उनके पिता की मौत की खबर सुनकर कई लोगों का फोन उन्हें आया जिसमें डेविड धवन, शक्ति कपूर, गोविंदा और अरुणा इरानी के नाम शामिल हैं।