जो खुद असमर्थ होते हुए भी करता है दूसरों की भलाई, ऐसा व्यक्ति होता है महान

कहते हैं सबसे महान वह है, जो खुद असमर्थ होते हुए भी दूसरों की भलाई के लिए निस्वार्थ काम करता है...चीन के दार्शनिक कन्फ्यूशियस दुनियाभर में फेमस थे। वे बहुत ही सीधे शब्दों में गहरी बात किया करते थे। एक बार चीन के राजा ने कन्फ्यूशियस से पूछा, 'आप मुझे किसी ऐसे इंसान से मिलवाएं, जिसका स्थान देवताओं से भी ऊंचा हो।

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