अमरावती : महिलाओं व बच्चियों के साथ होने वाले गैंगरेप और हत्या जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देने वालों पर शिकंजा कसने के लिए आंध्र प्रदेश की वाईएस जगन मोहन रेड्डी सरकार द्वारा लाया गया एपी दिशा एक्ट 2019 की विशेष पुलिस अधिकारी दीपिका पाटिल इनदिनों इस कानून को अस्तित्व में लाने के लिए जरूरी सभी कानूनी तैयारियों में व्यस्त हैं।

एपी दिशा एक्ट एक ऐसा कानून है, जिसमें आपराधिक घटना के 21 दिन के भीतर आरोपी को सजा सुनाने का प्रावधान है। ऐसे में इसके लिए जरूरी संसाधान और मैन पॉवर आदि की व्यवस्था की जा रही है। इसी के तहत राज्यभर में कुल 18 महिला पुलिस स्टेशन, दिशा कॉल सेंटर, नए पुलिसकर्मियों की व्यवस्था, फोरेंसिक लैब, दिशा ऐप, आदि बनाए जा रहे हैं।

इस एक्ट में कुल आठ तरह के कार्य किए जाने बाकी हैं। इस एक्ट को लागू करने के लिए ८ महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने हैं।

जिनमें

1.हर जिले में स्पेशल कोर्ट

2. महिला पुलिस स्टेशन

3. दिशा कॉल सेंटर

4. पब्लिक प्रॉसीक्यूटर

5. फोरेंसिक लैबों की स्थापना

6. दिशा ऐप

7. स्पेशल ऑफिसर्स की नियुक्ति

8. स्टेंडर्ड ऑपरेशन प्रोसिजर (एसओपी) शामिल हैं।

मुताबिक महिलाओं के साथ रेप व हत्या जैसी घटनाओं की शिकायत मिलने के 21 दिन के भीतर जांच प्रक्रिया पूरी कर दोषियों को सजा दिलवाना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि अक्सर थाने में पहले तो शिकायतें दर्ज नहीं होतीं और अगर होती भी हैं तो सालों तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती।

दिशा कानून का मुख्य उद्देश्य महिलाओं व बच्चों के साथ जघन्य आपराधों के मामले में कम से कम समय में जांच पूरी कर दोषियों को सजा दिलाना है। 21 दिन में मामले की जांच के साथ ट्रॉयल भी पूरी होनी है।

इसके अलावा दिशा कानून के तहत धारा 354 (ई) शामिल की गई है, जो सोशल मीडिया पर महिलाओं व बच्चों के साथ होने वाली हरासमेंट्स से जु़ड़ा है।

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इस धारा के तहत सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं व बच्चों का यौन उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ 21 दिन के भीतर कार्रवाई होगी। इस कानून के तहत बलात्कार और पोक्सो मामलों में दोषियों को आजीवन कारावास या फांसी तक का प्राविधान है और यह बिल विधानसभा में पारित हो चुका है।

सरकार ने राज्य में दिशा कानून को जल्द से जल्द लागू करने के इरादे से इसके लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने में कोई कोताई नहीं कर रही है। इसी के तहत राज्यभर में स्थापित किए जाने वाले सभी 18 महिला पुलिस थानों में कर्मचारियों व अधिकारियों की नियुक्ति के लिए अगले एक-दो सप्ताह में नोटिफिकेशन भी जारी होने की खबर है।